Coronavirus Effect : IMPPA ने उच्च न्यायालय में की फिल्म सेट से आयु सीमा प्रतिबंध हटाने की अपील

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IMPPA
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मुंबई | महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा जारी जीआर Coronavirus Lockdown के बाद मनोरंजन जगत के लिए राहत की सांस लेकर आया था ,जहाँ लॉक डाउन के बाद से काम पूरी तरह ठप्प हो गया था | नए जीआर में सीएम द्वारा यह मंजूरी दी गई है कि विभिन्न शो, विज्ञापन फिल्मों और फिल्मों के निर्माता कुछ विशेष गाइड लाइन के साथ काम करना शुरू कर सकते हैं। जीआर के अनुसार, 65 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अब इसे लेकर IMPPA ने उच्च न्यायालय में फिल्म सेट से आयु सीमा प्रतिबंध हटाने की अपील की है | इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने (आईएमपीपीए), एडवोकेट अशोक सरावगी के माध्यम से, बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ एक याचिका दायर की है |इस याचिका में में उन व्यक्तियों पर लगाए गए प्रतिबंधों को खत्म करने का अनुरोध किया गया है जो 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों पर शूटिंग या शूटिंग से संबंधित किसी भी कार्य में भाग लेने पर लगाए गए हैं ।

राज्य सरकार द्वारा कोविड -19 महामारी Coronavirus जिससे फिल्म और टेलीविजन शूटिंग तीन महीने से अधिक समय तक रुकी रही ,को देखते हुए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं । अब शूटिंग दिशा निर्देशों का ध्यान रखते हुए धीरे-धीरे फिर से शुरू हो गई है, लेकिन सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के कारण 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी व्यक्ति अपनी आजीविका से वंचित रह गए हैं।

याचिका में लिखा गया है “याचिकाकर्ता के पास उपलब्ध सूची के अनुसार, 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के हज़ारों लोग हैं जो लॉकडाउन से पहले कार्यक्रमों की शूटिंग में भाग ले रहे थे। ऐसी लोगों की अनुपलब्धता के कारण ऐसी फिल्मों और कार्यक्रमों की शूटिंग बीच में ही छोड़ दी गई है| “

IMPPA के अध्यक्ष टीपी अग्रवाल ने कहा कि ” सभी वरिष्ठ प्रोड्यूसर्स , निर्देशकों, अभिनेताओं और तकनीशियनों के लिए रचनात्मक माध्यम ही आय का एकमात्र स्रोत है और यह दिशानिर्देश व्यावहारिक नहीं था और उचित नहीं था क्योंकि किसी अन्य पेशे में यह शर्त नहीं लगाई गई थी। कई बार अनुरोध भेजने के बाद, हम अपनी फेटरनिटी के इन वरिष्ठ लोगों की आजीविका कमाने के अधिकारों की मांग के लिए उच्च न्यायालय का रुख कर रहे हैं । “

IMPPA याचिका में उल्लेख किया गया है कि केंद्र सरकार द्वारा कर्नाटक उच्च न्यायालय को विशेष रूप से सूचित किया गया था कि 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों को अपने काम को करने का पूरे अधिकार थे और उक्त प्रतिबंध 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों और 10 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए केवल घर पर रहने के लिए एक सलाह था। इसलिए, यह बाध्यकारी आदेश नहीं था और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आजीविका के लिए काम करने का अधिकार है और सरकार ऐसे नियमों को लागू नहीं कर सकती है |

अब देखते हैं कि IMPPA द्वारा उच्च न्यायालय में की गयी फिल्म सेट से आयु सीमा प्रतिबंध हटाने की अपील का हाई कोर्ट क्या जबाव देता हैं और आगे Coronavirus Effect के चलते इन नियमों और दिशा निर्देशों में क्या परिवर्तन किया जाएगा |