Happy Birthday Lata Mangeshkar : स्वर कोकिला लता मंगेशकर के 91वे जन्मदिन पर सुरों से सजे उनके बेमिसाल साल

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Lata Mangeshkar
Lata Mangeshkar

मुंबई | 28 सितंबर 1929 को इंदौर में मशहूर संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर के यहां पैदा हुई स्वर कोकिला लता मंगेशकर आज 91 वे वर्ष की हो गयी है | बॉलीवुड सहित देश की सभी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाली स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर ने अपनी गायकी से देश के साथ-साथ दुनिया में भी लोगों का दिल जीता है|

लता ने अपनी आवाज और अपनी सुर साधना से बहुत छोटी उम्र में ही गायन में महारत हासिल की और विभिन्न भाषाओं में गीत गाए |लता मंगेशकर ने साल 1943 में महज 13 साल की उम्र में मराठी फिल्म ‘किती हसाल’ के लिए ‘नाचू या गाडे, खेलू सारी, मानी हौस भारी’ गीत के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी| इसके बाद ‘पा लागूं कर जोड़ि रे’ गीत के साथ उन्होंने हिंदी फिल्मों में अपनी पारी की शुरुआत की थी|

लता मंगेशकर को पहला बड़ा ब्रेक साल 1948 में आई फिल्म ‘मजबूर’ का गाना ‘दिल मेरा तोड़ा’ के साथ मिला और फिर उन्होंने कभी पीछे पलटकर नहीं देखा |ऐसा भी सुनने में आया है कि जब वह अपने करियर की बुलंदियों पर थी तो उनकी जान लेने की साजिश की गई हालाँकि ऐसा किसने किया इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है |

फिल्म किनारा के लिए गुलज़ार ने लता दीदी के लिए ही गाना लिखा था ” ‘मेरी आवाज ही पहचान है’ “|’नाम गुम जाएगा’ टाइटल का ये गाना लता मंगेशकर के लिए ही ख़ास तौर पर लिखा गया था |लता दीदी की आवाज़ हर गाने को ख़ास बना देती है फिर चाहे वो गाना रोमांटिक हो ,इमोशनल ,देशभक्ति ,या शास्त्रीय संगीत से परिपूर्ण|

दीदार, बैजू बावरा, उड़न खटोला, मदर इंडिया, बरसात, आह, श्री 420, चोरी चोरी, सज़ा, हाउस नं 44, देवदास, मधुमति, आज़ाद, आशा, अमरदीप, बागी, रेलवे प्लेटफॉर्म, देख कबीरा रोया, चाचा जिंदाबाद, मुगल-ए-आजम, दिल अपना और प्रीत पराई, बीस साल बाद, अनपढ़, मेरा साया, वो कौन थी, आए दिन बहार के, मिलन, अनिता, शगिर्द, मेरे हमदम मेरे दोस्त, दो रास्ते, जीने की राह ,पाकीज़ा, प्रेम पुजारी, अभिमान, हंसते जख्म, हीर रांझा, अमर प्रेम, कटी पतंग, आंधी, मौसम, लैला मजनूं, दिल की राहें, सत्यम शिवम सुंदरम जैसी सैकड़ों फिल्मों में लता ने मधुर नगमे गाए।

अस्सी के दशक में भी लता ने सिलसिला, फासले, विजय, चांदनी, कर्ज, एक दूजे के लिए, आसपास, अर्पण, नसीब, क्रांति, संजोग, मेरी जंग, राम लखन, रॉकी, फिर वही रात, अगर तुम न होते, बड़े दिल वाला, मासूम, सागर, मैंने प्यार किया, बेताब, लव स्टोरी, राम तेरी गंगा मैली जैसी कई फिल्मों में गीत गाकर अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा |

90 के दशक में डर, लम्हें, दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे, दिल तो पागल है, मोहब्बतें, दिल से, पुकार, ज़ुबैदा, रंग दे बसंती, 1942 ए लव स्टोरी जैसी फिल्मों में लता दीदी ने गाने गाये| लता ने इंडस्ट्री की हर हीरोइन को अपनी आवाज़ दी है |लता की आवाज कभी भी किसी भी अभिनेत्री पर मिसफिट नहीं लगी।

लता दीदी के गाने ना सिर्फ दिल को छू जाते हैं बल्कि सीधे आत्मा तक पहुँचते हैं | लता मंगेशकर को पद्म श्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण ही नहीं देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत-रत्न से भी अलंकृत किया चुका है। बोल बोल बोलीवुड की पूरी टीम की और से स्वर कोकिला लता दीदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें|