गैर-जिम्मेदार और अपमानजनक रिपोर्टिंग करने वाले मीडिया हाउसों के खिलाफ एकजुट हुआ बॉलीवुड

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मुंबई | आज, माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष चार बॉलीवुड इंडस्ट्री एसोशिएशन और तीस प्रमुख बॉलीवुड निर्माताओं ने रिपब्लिक टीवी, श्री अर्नब गोस्वामी और श्री प्रदीप भंडारी टाइम्स नाउ, श्री राहुल शिवशंकर और टाइम्स नाउ के सुश्री नविका कुमार, और अज्ञात प्रतिवादियों और साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के खिलाफ बॉलीवुड के सदस्यों के लिए गैर-जिम्मेदार और अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए एक मुकदमा दायर किया है।

उन्होंने ऐसा बॉलीवुड के, बॉलीवुड के सदस्यों के लिए गैर-जिम्मेदार और अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए और असंयमित रूप से रिपोर्टिंग करने ,बॉलीवुड हस्तियों के मीडिया ट्रायल करने, बॉलीवुड से जुड़े व्यक्तियों की निजी अधिकार में हस्तक्षेप करने के लिए किया गया है |उनसे डिफेंडेंट केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के तहत प्रोग्राम कोड के प्रावधानों का पालन करते हुए और बॉलीवुड के खिलाफ उनके द्वारा प्रकाशित सभी अपमानजनक सामग्री को वापस लेने, का आग्रह किया गया है |

यह देखने में आया था कि ये चैनल बॉलीवुड के लिए “, डार्ट ,फलित ड्रगीज़ और शब्द और ” बॉलीवुड की गंदगी को साफ़ करने की जरुरत है “, “अरब के सभी इत्र भी बॉलीवुड की बदबू को दूर नहीं कर सकते हैं”, “यह देश का सबसे गंदा उद्योग है”,जैसे अत्यधिक अपमानजनक शब्दों और अभिव्यक्तियों का उपयोग कर रहे थे |

उनसे अनुरोध किया गया है कि “बॉलीवुड एक विशिष्ट और अच्छी तरह से मान्यता प्राप्त वर्ग है, जिसमें मुंबई में हिंदी फिल्म उद्योग शामिल है। चूंकि कई वर्षों से बॉलीवुड सरकारी खजाने के लिए राजस्व का एक बड़ा स्रोत है, क्योंकि फिल्मों, पर्यटन आदि के विदेशी आदान प्रदान से भारत के लिए महत्वपूर्ण विदेशी मुद्रा अर्जित करता है, और बॉलीवुड विभिन्न अन्य उद्योगों के साथ रोजगार का एक बड़ा स्रोत है। उस पर कई दुसरे उद्योग भी निर्भर है |”

” बॉलीवुड अद्वितीय है और किसी भी अन्य इंडस्ट्री की तुलना से एक अलग पायदान पर खड़ा है क्योंकि यह एक ऐसा उद्योग है जो अपने दर्शकों की सद्भावना, प्रशंसा और स्वीकृति पर निर्भर है। डिफेंडेंट्स द्वारा चलाए जा रहे स्मियर कैंपेन से बॉलीवुड से जुड़े लोगों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो रही है। चल रही महामारी जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक राजस्व और काम के अवसरों का नुकसान हुआ है ,उस नुकसान में इसने और बढ़ोतरी कर दी है | बॉलीवुड के सदस्यों की गोपनीयता पर हमला किया जा रहा है, और उनकी प्रतिष्ठा को ख़तम किया जा रहा है | पूरे बॉलीवुड को अपराधियों के रूप में चित्रित करके, नशीली दवाओं की जब्त में बताकर और बॉलीवुड को लोगों की कल्पना में आपराधिक कृत्यों के पर्याय बताकर उसके सम्मान की अपूरणीय क्षति की जा रही है |”

बॉलीवुड में लगभग सभी जाने माने नाम इन चैनलों के माध्यम से दर्शाए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं:

प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया
द सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन
फिल्म और टीवी निर्माता परिषद
स्क्रीन राइटरस एसोसिएशन
आमिर खान प्रोडक्शंस
एड-लैब्स फिल्म्स
अजय देवगन Fफिम्स
एंडोलन फिल्म्स
अनिल कपूर फिल्मस और कम्युनिकेशन नेटवर्क
अरबाज खान प्रोडक्शंस
आशुतोष गोवारिकर प्रोडक्शंस
बीएसके नेटवर्क और एंटरटेनमेंट
केप ऑफ गुड फिल्म्स
क्लीन स्लेट फिल्मज़
धर्मा प्रोडक्शंस
एमी एंटरटेनमेंट एंड मोशन पिक्चर्स
एक्सेल एंटरटेनमेंट
फ़िल्मक्राफ्ट प्रोडक्शंस
हॉप प्रोडक्शनस
कबीर खान फिल्म्स
लव फिल्म्स
मैकगफिन पिक्चर्स
नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट
वन इंडिया स्टोरीज
आर एस एंटरटेनमेंट
राकेश ओमप्रकाश मेहरा पिक्चर्स
रेड चिलीज एंटरटेनमेंट
रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट
रील लाइफ प्रोडक्शंस
रोहित शेट्टी पिक्चर्स
रॉय कपूर प्रोडक्शंस
सलमान खान वेंचर्स
सोहेल खान प्रोडक्शंस
सिख्या एंटरटेनमेंट
टाइगर बेबी डिजिटल
विनोद चोपड़ा फिल्म्स
विशाल भारद्वाज फिल्म
यशराज फिल्म्स

यह दिलचस्प है कि यह पहली बार नहीं है जब डिफेंडेंट्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। पिछले कई मौकों पर कुछ डिफेंडेंटों को दंडित किया गया और फटकार लगाई गई और उनके खिलाफ अदालतों और अधिकारियों द्वारा गैरजिम्मेदाराना प्रतिवेदन और मानहानि कंटेंट के लिए आदेश पारित किए गए और उन्हें बिना सोचे-समझे और गलत समाचार प्रसारित करने का दोषी पाया गया। अभिनेता श्री सुशांत सिंह राजपूत की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से जुड़े मामले के बाद भी मामला सीबीआई को हस्तांतरित करने के बाद इन डिफेंडेंटों ने मामले को अभद्र रूप से वर्णित किया और बताया कि सीबीआई अभी गिरफ्तारी करना शुरू करेगी, जो अभी तक भी नहीं हुई है।