जोहरा बाई से लेकर मुकेश तक… देखिए एक फ्रेम में देश के 16 लीजेंडरी Singer

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Singer
Zohrabai Ambalewali, Rajkumari dubey,amir bai karnataki, Hamida Bano, GeetaDutt, Mukesh, MohhammdRafi, Lata Mangeshkar, talatMehmood, Kishor Kumar,

मुंबई। क्या आपने कभी सोचा है गुजरे जमाने के सभी लीजेंड सिंगर एक फ्रेम में हो तो कैसे लगेंगे। अगर आप कल्पना नहीं कर पा रहे हैं तो हम आपको दिखाते वह खूबसूरत और ऐतिहासिक तस्वीर जिसमें गुजरे जमाने की 16 शख्सियत जिसने संगीत/अदाकारी की दुनिया में वो मकाम हासिल किया जो उसके बाद कोई और हासिल नहीं सका। हम बात रहे हैं जोहरा जान, राजकुमारी, अमीर बाई कर्नाटकी जैसे कलाकारों की। हम बात कर रहे हमीदा बानो, गीता राय (गीता दत्त), लता मंगेशकर, मीना कपूर , शैलेष मुखर्जी, तलत महमूद, दिलीप ढोलकिया, मोहम्मम्द रफी जैसे दिग्गजों की। इतना ही नहीं, शिव दयाल बतीश, हेमंत कुमार, जीएम दुर्रानी, किशोर कुमार और मुकेश की। आपको बता दें कि ये सभी दिग्गज एक फोटो में एक फ्रेम दिखाई दे रहे हैं।

तस्वीर की पहली लाइन में जोहरा जान, राजकुमारी, अमीर बाई कर्नाटकी, हमीदा बानू, गीता रॉय, लता मंगेशकर, मीना कपूर मौजूद है। पीछे की लाइन में शैलेष मुखर्जी, तलत महमूद, दिलीप ढोलकिया, मोहम्मद रफी, शिव दयाल बटिश, हेमंत कुमार, जीएम दुर्रानी, किशोर कुमार और मुकेश मौजूद है। हालांकि यह तस्वीर कब और मौके की है इसका कोई खुलासा नहीं हो सका।

इस बहाने आइए जानते हैं उन 5 दिग्गज महिला सिंगर को जिनकी विरासत पर आज हिन्दुस्तानी म्यूजिक अपनी बुलंदियों को छू रहा है।

  • जोहरा बाई अम्बालेवाली: इंडियन क्लासिकल सिंगर का नाम अपने आप में मील का पत्थर है। 13 साल की उम्र में आॅल इंडिया रेडियो से सिंगिंग की शुरुआत करने वाली जोहरा बाई 1930 से 1940 के दशक में बॉलीवुड में सक्रिय रहीं। 21 फरवरी 1990 को उनका निधन हो गया। जोहरा बाई अपनी लो वॉइस रेंज सिंगिंग के लिए जानी जाती है। उनके सबसे मशहूर गानों में से एक है ‘अखियां मिलाके जिया भरमाके’ और ‘आई दिवाली-आई दिवाली’ सबसे ज्यादा हिट रहा।
  • अमीर बाई कर्नाटकी : अमीरबाई कर्नाटकी का जन्म 1906 में ंहुआ था तथा उनकी मृत्यु 3 मार्च 1965 का हुई थी। वह प्रारंभिक हिन्दी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री/गायिका और पार्श्व गायिका थीं। वह कन्नड़ कोकिला के रूप में प्रसिद्ध थीं। महात्मा गांधी उनके गीत वैष्णव जन तो के प्रशंसक थे। अमीरबाई कर्नाटकी का जन्म कर्नाटक के बीजापुर जिले के बिलगी शहर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनकी सभी पांच बहनों में से अमीरबाई और उनकी बड़ी बहन गौहरबाई ने प्रसिद्धि अर्जित की। अमीरबाई ने अपना मैट्रिक पूरा किया और पंद्रह साल की उम्र में बॉम्बे चली गईं।
  • राजकुमारी दुबे : उन्हें पहले नाम राजकुमारी के नाम से ज्यादा बेहतर जाना जाता है, वह एक भारतीय पार्श्व गायिका थी, जो कई हिन्दी फिल्मों में 1930 से 1940 के दशक तक काम की थी। इन्हें इनके बावरे नैन (1950) के गाने सुन बैरी बालम सच बोल”, महल (1949) के गाने ‘घबराना के जो हम सर को टकरायन’ और पाकीजा (1972) के गाने ‘नजरिया की मारी’ के कारण काफी जानी जाती हैं। इनका जन्म बनारस (वाराणसी) में हुआ था और मात्र 11 वर्ष की आयु में ही इन्होंने हिन्दी सिनेमा से जुड़ गई थी।
  • हमीदा बानो: 1947 में हुए देश के बंटवारे से पहले हमीदा बानो देश की मशहूर गायिकाओं में शुमार थीं। उनके गाने तेरी जात पाकी ऐ खुदा (नीक परवीन, 1946) और चंपा काली है उडास (चेयन ले आजाड़ी, 1947) जैसे यादगार गीत लोगों की जुबान पर चढ़े हुए थे। मुकेश के साथ जा परवाने जा नहीं शमा जल रही है (राजपूतानी, 1946) और बदरिया बरसा गइ हमसे हम (मोरी, 1945 खुर्शीद बेगम के साथ) को आज भी संगीत प्रेमियों द्वारा शिद्दत से गुनगुनाया जाता है। लेकिन, दुर्भाग्य देखिए 9 नवंबर, 2006 को लाहौर में गुमनामी में उनका निधन हो गया।
  • गीता दत्त: विख्यात भारतीय गायिका थीं। इनका जन्म भारत के विभाजन से पहले फरीदपुर में हुआ। उन्होंने हिंदी सिनेमा में एक पार्श्व गायिका के रूप में विशेष पहचान पाई। उनका जन्म23 नवंबर 1930 को हुआ था और 20 जुलाई 1972 को मृत्यु हो गई थी।