26 अक्टूबर 1973 को रिलीज हुई थी नूतन अमिताभ की सौदागर

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मुंबई।  1973 में बनी फ़िल्म सौदागर (Saudagar) भले बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई हो, लेकिन इसमें अमिताभ बच्चन  (Amitabh Bachchan)और नूतन  (Nootan) और पद्मा खन्ना के शानदार अभिनय की आज भी लोग तारीफ करते नहीं थकते हैं। इस खूबसूरत कहानी को रुपहले पर्दे पर सुधेन्दु रॉय के निर्देशन में उतारा गया था। खास बात यह हैं कि इस फ़िल्म को अकादमी अवार्ड के लिए भी नामांकित किया जा चुका हैं। फिल्म के निर्माता ताराचंद बड़जात्या और सुभाष गई थे। जबकि पटकथा लेखन का कार्य सुधेन्दु राय और पीएल संतोषी में इसके संवाद लिखे हैं। 131 मिनट यानी 2 घंटे 11 मिनट की इस फिल्म को 26 अक्टूबर 1973 को रिलीज किया गया था।

80 के दशक में चरित्र अभिनय
अभिनेत्री नूतन ने 80 के दशक में नूतन ने चरित्र भूमिकांए निभानी शुरू कर दी और कई फिल्मों में ‘मां’ के किरदार को रूपहले पर्दे पर साकार किया। इन फिल्मों मे ‛मेरी जंग’, ‛नाम’ और ‛कर्मा’ जैसी खास तौर पर उल्लेखनीय हैं। फिल्म ‘मेरी जंग’ के लिए में अपने सशक्त अभिनय के लिये नूतन सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित की गईं।

फिल्म ‘कर्मा’ में नूतन ने अभिनय सम्राट दिलीप कुमार के साथ काम किया। इस फिल्म में नूतन पर फिल्माया यह गाना ‛दिल दिया है, जां भी देंगे, ऐ वतन तेरे लिए’’ श्रोताओं को आज भी झूमने को मजबूर कर देता है। नूतन की प्रतिभा केवल अभिनय तक ही नही सीमित थी वह गीत और गजल लिखने में भी काफी दिलचस्पी लिया करती थीं। नूतन को सिने कैरियर में पांच बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लगभग चार दशक तक अपने सशक्त अभिनय से दर्शको के बीच खास पहचान बनाने वाली यह महान अभिनेत्री 21 फरवरी 1991 को इस दुनिया को अलविदा कह गईं।

यह आप नहीं जानते होंगे
यह एकलौती फिल्म जिसमें नूतन के साथ  अमिताभ बच्चन की जोड़ी बनाई गईं थी। इसके बाद किसी भी फ़िल्म में बिग बी को उनका ऑन स्क्रीन केमेस्ट्री देखने को नहीं मिलेगी। वहीं 1994  इंसानियत में नूतन ने अमिताभ बच्चन की माँ का किरदार निभाया था।

प्रोड्यूसर नहीं करते थे पसंद
इसके अलावा यह भी तथ्य है कि प्रोड्यूसर ताराचन्द बड़जात्या को अमिताभ बच्चन पहले पसंद नहीं थे। इसकी वजह उनकी हाइट थी। लेकिन बिग बी की फिल्म आनंद में शानदार अदाकारी देख कर बड़जात्या ने अपनी राय बदल दी।

पद्मा खन्ना:  कई फिल्मों में आइटम नंबर और छोटे-मोटे किरदार करने के बाद आखिरकार पद्मा को अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म ‘सौदागर’ में मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला। इस मौके को पद्मा ने पूरी गंभीरता से लिया। उन्होंने इस फिल्म में एक गांव की लड़की का किरदार निभाया है। ‘सजना है मुझे, सजना के लिए’ इसी फिल्म का गाना है जिसे पद्मा पर फिल्माया गया है। आज भी कोई औरत जब सजती-संवरती है, तो लोग उसे इसी गाने को गाकर मन में लड्डू फूटने वाला महसूस कराते हैं।

एक बार बिग बी ने सुनाया था कि, कैसे नूतन को देख कर…!
यूं तो अमिताभ बच्चन ने भारतीय सिनेमा की लगभग हर बड़ी अभिनेत्री के साथ काम किया। लेकिन एक अभिनेत्री खी जिसने बिग बी पर काफी दिनों तक अपना असर छोड़े रखा। उस एक्ट्रेस का नाम है नूतन। नूतन भले आज इस दुनिया में ना हों लेकिन अमिताभ की यादों में वो अमर हैं। हाल ही में फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में भी अमिताभ बच्चन ने नूतन के बारे में भी एक खास वाकया शेयर किया। मेगास्टार अमिताभ ने बताया कि एक बार उन्होंने एक्ट्रेस नूतन को बीच रास्ते में देख लिया था, बिग बी उसस वक्त अपने स्कूटर पर थे। तभी नूतन को देखते ही वह गिर पड़े थे।

बिग बी ने बताया, जब मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में था, मैंने उस रोज सड़क पार करते हुए नूतन को देखा था। उस वक्त उनके पति (लेट.कैप्टन रजनीश बहल) उनके साथ थे। दिल्ली के कनॉट प्लेस में मैंने उन्हें देखा था। उन्हें देखते ही मैं लगभग अपने स्कूटर से गिर ही गया था। दरअसल, मैं स्कूटर चला रहा था। ऐसे में कुछ वक्त के बाद वह मेरी लीडिंग लेडी बनीं। वह मेरे लिए एक चमत्कार जैसा रहा।

बिग बी ने आगे बताया-‘मैंने नूतन के साथ सौदागर फिल्म में काम किया। वह अपने काम के लिए हमेशा तैयार रहती थीं। सुबह के 6 बजे के शॉट के लिए भी नूतन सबसे पहले मेकअप लगाकर रेडी रहती थीं। वह एक सेंसेटिव आर्टिस्ट थीं। उन्होंने मुझे मेरे शुरुआती दिनों में बहुत सपोर्ट दिया। उनका बातचीत करने का तरीका बेहद शानदार था वह बहुत कोमल स्वर में बोलती थीं। बाद में उन्होंने बतौर सिंगर भी स्टेज पर गाना शुरू किया।’

अमिताभ ने आगे बताया, ‘एक बार हम दिल्ली में एक फंक्शन के दौरान मिले थे। उस वक्त वह वहां पार्टिसिपेट कर रही थीं और मैं भी अपीयरेंस देने गया था। ऐसे में स्टेज पर जाने से पहले उन्होंने मुझसे कहा कि मैं भी उनके साथ स्टेज पर ऑडियंस के सामने चलूं। यह मेरे लिए एक गर्व की बात थी, वह बहुत शानदार पल था।’

पहली एक्ट्रेस बनीं जिन्होंने जीता ‘मिस इंडिया’ खिताब
नूतन के कॅरिअर का आगाज बतौर चाइल्ड एक्ट्रेस फिल्म ‘नल दमयंती’ से हुआ। इस बीच उन्होंने ‘मिस इंडिया’ में हिस्सा लिया और जीता। इस टाइटल को पाने वालीं वे पहली एक्ट्रेस थीं। घर में फिल्मी माहौल रहने के कारण नूतन अक्सर अपनी मां के साथ शूटिंग देखने जाया करती थीं। इस वजह से उनका भी रुझान फिल्मों की ओर हो गया और वह भी अभिनेत्री बनने के ख्वाब देखने लगीं। 1950 में 14 बरस की उम्र में उन्होंने फिल्म ‘हमारी बेटी’ की, जिसका निर्माण उनकी मां शोभना समर्थ ने ही किया था। बालिग होने तक नूतन ने ‘हमलोग’, ‘शीशम’, ‘परबत’ और ‘आगोश’ जैसी फिल्में कर डालीं। हालांकि इसके बाद वे लंदन चली गईं और लौटकर आईं तो ‘सीमा’ में विद्रोही नायिका का किरदार निभाकर बेस्ट एक्ट्रेस का पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता।