Zee TV के सितारों ने शेयर की Republic Day से जुड़ी यादें

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मुंबई। भारत के 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जी टीवी के कलाकारों ने एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते अधिकारों और कर्तव्यों को लेकर अपने विचार व्यक्त किये हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी रिपब्लिक डे से जुड़ी यादें भी शेयर की हैं।

‘क्यों रिश्तों में कट्टी-बट्टी में शुभ्रा का रोल निभा रहीं नेहा मार्दा (Neha Maarda) कहती हैं, ‘हमारा एक मूलभूत  अधिकार, जिसे मैं बड़ी गंभीरता से लेती हूं, वो है समानता का अधिकार। इसे मैं अपने परिवार को सपोर्ट करके और खुद आत्मनिर्भर बनकर पूरा करती हूं। एक रूढ़िवादी परिवार से होने के बावजूद मुझे घर के सभी फैसलों में समान रूप से बोलने का अधिकार है। इसके अलावा मुझे लगता है कि अपने पर्यावरण और प्रकृति के प्रति भी हमारा एक मूलभूत कर्तव्य है। मुझे अपनई घर के आस-पास बहुत-से पौधे लगाना अच्छा लगता है और मैं कोशिश करती हूं कि मैं ज्यादा से ज्यादा पानी बचाऊं। मैंने जिंदगी के हर मोड़ पर अपने देश  पर गर्व महसूस किया है। मुझे लगता है कि अपन देश पर गर्व करने के लिए कोई खास मौका या पल नहीं होना चाहिए। यह तो मेरे खून में है और मुझे भारतीय होने पर गर्व है।’

‘क्यों रिश्तों में कट्टी-बट्टी’ में कुलदीप का रोल निभा रहे सिद्धांत वीर सूर्यवंशी (Siddhant Veer Sooryvansi) कहते हैं, ‘मुझे अपने देश के लोकतंत्र और उन अवसरों पर गर्व है, जो हमारा देश अपने नागरिकों को देता है। जब भी चुनाव होते हैं, चाहे वो राज्य में हों या देश में हमें अपनी सरकार चुनने का अधिकार होता है। बहुत-से देश अपने नागरिकों को यह अवसर नहीं देते हैं। देश में शांतिपूर्वक होने वाले चुनाव, दुनिया के सामने यह साबित करते हैं कि हमारे देश की इतनी विविध संस्कृति होने के बावजूद हम बिना किसी अड़चन के चुनाव कर सकते हैं। इस बात पर मुझे वाकई गर्व होता है।’

‘तुझसे है राब्ता’ में अवनी का किरदार निभा रहीं सृष्टि माहेश्वरी (Srishti Maheshwari) कहती हैं, ‘मैं जिन मूलभूत अधिकारों को गंभीरता से मानती हूं, वो हैं समानता का अधिकार और स्वतंत्रता का अधिकार। मेरा मानना है कि एक लड़का और एक लड़की के बीच फर्क  को अभिव्यक्ति की आजादी के आड़े नहीं आने देना चाहिए। किसी भी इंसान की पहचान उसके लिंग से नहीं, बल्कि जिंदगी में कुछ हासिल करने की इच्छाशक्ति से होनी चाहिए। एक ऐसा पल है, जिसे याद करके मुझे अपने भारतीय होने पर गर्व होता है। तब मैं एनसीसी कैडेट की एनसीसी सार्जेंट बनी थी और मैंने 2012 में एनसीसी के बेस्ट कमांडिंग ऑफिसर का पुरस्कार जीता था। जब मुझे बेस्ट कमांडिंग ऑफिसर के बैज दिए जा रहे थे, तो मेरे पैरेंट्स भी वहां मौजुद थे और वो हम दोनों के लिए ही गर्व भरा पल था। मुझे भारतीय होने पर गर्व है क्योंकि भारत की इतनी विशाल संस्कृति है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रहती है। मुझे अगर चॉइस दी जाए तो भी मैं कभी अपने देश को छोड़कर नहीं जाना चाहूंगी।

‘तेरी-मेरी इक्क जिंदड़ी’ में माही का रोल निभा रहीं अमनदीप सिद्धू (Aman deep Siddhu) कहती हैं, ‘मुझे याद है, जब मैं  स्कूल में थी तो हमेंशा रिपब्लिक डे पर होने पर स्पेशल डांस में परफॉर्म करती थी। वो हर साल का हमारा फिक्स्ड रूटीन होता था और मैं इसका बेसब्री से इंतजार करती थी। इसके लिए हम एक महीने पहले से रिहर्सल शुरू कर देते थे। जिंदगी में बहुत आगे जाकर मैंने अपने पैरेंट्स के साथ टीवी पर परेड देखना शुरू किया और फिर मैं इस दिन का महत्व जानने लगी। जहां हम एक और रिपब्लिक डे मनाने जा रहे हैं, तो मैं उम्मीद करती हूं कि हमारा देश आगे और तरक्की करे और मैं सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देती हूं।’

‛तेरी मेरी इक्क जिंदड़ी’ में जोगी का रोल निभा रहे अधविक महाजन (Adhvik Mahajan) कहते हैं, ‘रिपब्लिक डे से जुड़ी मेरी बचपन की सबसे खूबसूरत याद तब की है, जब हम अपनी सोसाइटी में झंडा फहराते थे। मुझे याद है हमें झंडे के नीचे खड़े होना बहुत अच्छा लगता था क्योंकि ऊपर से हम पर फूल की पंखुड़ियां गिरती थीं और हम इसे अपनी हथेलियों पर झेलने की कोशिश करते थे। आगे जाकर मैंने इस दिन का असली मतलब और महत्व समझा। मेरे लिए हर रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन एक जैसा होता है, जहां मैं अपने परिवार के साथ परेड देखते हुए वक्त बिताता हूं और इस साल भी मैं इसी परंपरा को जारी रखूंगा। मैं भारत के नागरिकों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देना चाहूंगा। मैं उम्मीद करता हूं कि सभी अपने भारतीय होने पर उसी तरह गर्व महसूस करें, जिस तरह मैं करता हूं।’

‘अपना टाइम भी आएगा’ में राजेश्वरी का किरदार निभा रहीं तनाज़ ईरानी (Tanaz Irani) कहती हैं, ‘मुझे याद है कॉलेज के दिनों में हमारी एक बड़ी रिपब्लिक डे पार्टी हुई थी, जहां हमने राष्ट्रीय ध्वज के रंगों वाली ड्रेस पहनी थी। हम सभी ने अपने-अपने घरों से खाना लाया था। मुझे याद है इस दिन मैंने तिरंगा रंग का पुलाव बनाया था, जो खाने में सभी को बहुत अच्छा लगा था। हमने पार्टी में तिरंगे के रंग वाले नॉन-एल्कोहलिक ड्रिंक्स भी शामिल किए थे। मुझे लगता है वो एक ऐसा रिपब्लिक डे था, जो थोड़ा असामान्य था, लेकिन बहुत यादगार था। मुझे अच्छे से याद है हम लोग अपने तिरंगे के रंग वाली चीजें खरीदने के लिए अपने पैरेंट्स से पैसे मांगते थे। जहां तक इस दिन का सवाल है, तो मुझे लगता है कि स्वतंत्रता दिवस के चलते लोग गणतंत्र दिवस के मायने भूल जाते हैं। अधिकांश भारतीय यह तक नहीं जानते हैं कि रिपब्लिक डे किसलिए मनाया जाता है और वो यह भूल जाते हैं कि इस दिन हमारे देश के संविधान का गठन हुआ था। मैं अपने बच्चों को इस समय यही बात सिखा रही हूं। मैं उम्मीद करती हूं कि बाकी के सभी लोग भी भारतीय इतिहास में इस दिन का महत्व समझें। मेरी ओर से सभी को हैप्पी रिपब्लिक डे।’

‘कुमकुम भाग्य’ में रिया का रोल निभा नहीं पूजा बनर्जी (Pooja Benarjee) कहती हैं, ‘मुझे भारतीय होने पर गर्व है और मुझे हर साल रिपब्लिक डे मनाना बहुत अच्छा लगता है। असल में इस दिन से जुड़ी बचपन की मेरी बहुत-सी यादें हैं, लेकिन इनमें सबसे खास याद तब की है, जब मैंने अपनी कजिन सिस्टर रुचिरा चटर्जी को रिपब्लिक डे परेड में अपने दल का नेतृत्व करते हुए देखा था। वो पहली महिला आरपीएफ ऑफिसर थीं, जिन्होंने परेड का नेतृत्व किया था। बचपन में हम उनसे बहुत प्रेरित थे। रिपब्लिक डे परेड में उन्हें हाथों में तलवार लेकर कदम बढ़ाते हुए देखकर हम सभी को बहुत गर्व हुआ था। आज भी जब संभव होता है, तो मैं परेड जरूर देखती हूं। मुझे अपने देश पर वाकई गर्व है और इस गणतंत्र दिवस पर मैं महसूस करती हूं कि सभी पहले अपने भारतीय होने पर गर्व करे। हमें उन सभी के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, जो हमारे देश की छवि बिगाड़ने की कोशिश करते हैं, भले ही वे हमारे दोस्त ही क्यों ना हों। एक देश के रूप में हमें धर्मनिरपेक्षता का सही मतलब समझना चाहिए क्योंकि बीते कुछ वर्षों में हम और सहिष्णु होते जा रहे हैं। आइए हम एकजुट होकर देश की बेहतरी के लिए काम करें।’

जी टीवी के कुंडली भाग्य में पृथ्वी का रोल निभा रहे संजय गगनानी (Sanjay Gagnani)कहते हैं, ‘बचपन से ही रिपब्लिक डे पर मेरा दिल गर्व से भर जाता है। आखिर यह वो दिन था, जब हम रिपब्लिक डे परेड देखते थे, झंडा फहराने जाते थे, देशभक्ति गीत गाते और देशभक्ति फिल्में देखते थे। मैंने हर साल इस दिन को बड़े गर्व और उत्साह के साथ मनाया है और इस साल भी मैं ऐसा ही करने जा रहा हूं। मैं कहना चाहूंगा कि हमें सीमा पर तैनात अपने सैनिकों को सलाम करना चाहिए, जो हमारी रक्षा करने के लिए हर दिन लड़ रहे हैं ताकि हम अपने घरों में सुरक्षित और सलामत रह सकें। हमें कानून निर्माताओं को भी सलाम करना चाहिए, जिन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि हर नागरिक खुद को इस बेमिसाल लोकतांत्रिक राष्ट्र का हिस्सा महसूस कर सकें।’