Happy Birthday: वहीदा रहमान का गुरुदत्त ने पहचाना था टेलेंट, फिर इस वजह से छूट गया साथ

0
283
Waheeda Rehman

BolBolBollywood.com, स्पेशल स्टोरी, मुंबई। बॉलीवुड की दीवा अभिनेत्री वहीदा रहमान (Waheeda Rehman) आज 83 साल की हो गर्इं है। उनका जन्म 3 फरवरी 1938 में आन्ध्र प्रदेश के विजयवाड़ा (Vijaywada)में हुआ था। साल 1990 की फिल्म चौदहवीं का चांद में मोहम्मद रफी साहब का गाया हुआ गाना उनकी शोहरत का पहला कयाम बन गया। वहीदा रहमान इसी फिल्म से रातों रात मशहूर हो गर्ईं। खास बात यह है कि वहीदा का मतलब भी लाजवाब होता है।

वहीदा रहमान का जन्म उन्हें बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री माना जाता है। अभिनेता कंवलजीत ने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे वहीदा रहमान ने खुशी से स्वीकार कर लिया और शादी के बंधन में बंध गईं। वर्ष 2002 में उनके पति का आकस्मिक निधन हो गया। वह एक बार फिर अकेली हो गईं, लेकिन टूटी नहीं, उन्होंने हार नहीं मानी।

हिन्दी, अंग्रेजी, बांग्ला और तमिल भी
वहीदा रहमान ने हिंदी ही नहीं अंग्रेजी व बंगाली फिल्मों में भी अपने अभिनय का जादू दिखाया। हिंदी सिनेमा में उनकी पहली मौजूदगी 1956 में आई सीआईडी में देखी गई। इसके बाद प्यासा (1957), 12 ओ क्लॉक (1958), कागज के फूल (1959), साहिब बीबी और गुलाम (1962), रंग दे बसंती (2005), चांदनी (1989), नमक हलाल (1982), कभी-कभी (1976), तीसरी कसम (1966), गाइड (1965), पत्थर के सनम (1967), चौदहवीं का चांद (1960), काला बाजार (1960), जैसी बड़ी फिल्मों में काम किया है। 2005 में अंग्रेजी फिल्म 15 पार्क एवेन्यू में भी काम किया था। वहीं, 1962 में बंगाली फिल्म अभियान में भी उन्होंने काम किया था।

इन पुरस्कारों से नवाजा गया
1969 में नीलकमल फिल्म के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार,1967 गाइड फिल्म के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार, 1972 अभिनय के लिए पद्म श्री से नवाजा गया। फिर 2011 पद्म भूषण पुरस्कार, 1972 नागरिक सम्मान, 1971 रेश्मा और शेरा फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 1994 फिल्मफेयर लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड, 2006 एनटीआर राष्ट्रीय पुरस्कार।

देव आनंद के साथ सफल जोड़ी
वहीदा रहमान और देव आनंद की जोड़ी को अपने दौर में दर्शकों का खूब प्यार हासिल हुआ। इस जोड़ी ने ‘सीआईडी’, ‘काला बाजार’, ‘गाइड’ और ‘प्रेम पुजारी’ जैसी सफल फिल्मों में काम किया है।

गुरुदत्त ने दिया था मौका
हिंदी, तमिल, तेलुगू, बंगाली और मलयालम भाषा में वहीदा रहमान ने कई काम किया। वहीदा उस वक्त तेलुगु सिनेमा में काफी पॉपुलर हो चुकी थीं। इसी बीच गुरुदत्त ने वहीदा रहमान की एक फिल्म देखी, तो वह उन्हें अपनी फिल्म में कास्ट करने के इच्छुक हो उठे। गुरुदत्त ने अपने प्रोडक्शन की फिल्म सीआईडी में वहीदा को पहला मौका दिया। इसके बाद साल 1957 में वहीदा और गुरुदत्त फिल्म ‘प्यासा’ में आए। ये फिल्म उस वक्त की सुपर-डुपर हिट फिल्म साबित हुई। इसके बाद वहीदा और गुरुदत्त के अफेयर के किस्से भी चलने लगे हालात यहां तक जा पहुंचे की गुरुदत्त की पत्नी गीता अपने बच्चों को लेकर उनसे अलग रहने लगी। इसके बाद अतत: गुरुदत्त अपने आखिरी वक्त तक अकेले ही रहे।