राजेंद्र नाथ बर्थ एनिवर्सरी: 187 फिल्मों में किया काम, ऐसे पर्याय बन गया पोपटलाल का किरदार

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Rajendra Nath
bollywood comedian actor

BolBolBollywood.com, स्पेशल, स्टोरी, मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता राजेंद्र नाथ (Rajendta Nath) की आज बर्थ एनिवर्सरी है। उनका निधन 13 फरवरी 2008 में कार्डिएक अरेस्ट की वजह से हो गया। ब्रिटिशा शासित पेशावर में जन्में राजेंद्र नाथ ताल्लुकात भले ही पेशावर के करीमपुरा इलाके से था लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर में बस गए थे। उन्होंने दरबार कॉलेज, रीवा में अध्ययन किया, जहां वे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अर्जुन सिंह और आरपी अग्रवाल उनके सहपाठी थे।

राज कपूर के साले थे
इसके बाद राजेंद्र के बड़े भाई प्रेम नाथ मुंबई गए और अभिनेता बन गए, इसलिए राजेंद्र ने 1949 में उनका साथ दिया। वे राज कपूर और शशि कपूर के अच्छे दोस्त थे। राजेंद्र और प्रेम की बहन कृष्णा ने अभिनेता-निर्देशक राज कपूर से शादी की। उनका एक और भाई नरेंथ नाथ भी था, जो अभिनेता भी बन गया, जो आमतौर पर फिल्मों में कुछ खलनायक की भूमिका निभाता था।

ऐसे बढ़ी शम्मी कपूर से दोस्ती
पढ़ाई में बहुत कम रुचि रखने वाले राजेंद्र ने कॉलेज छोड़ दिया और अपने भाई की तरह फिल्मों में काम करने के लिए बॉम्बे आ गए। उन्होंने पृथ्वी थिएटर में पठान और शकुंतला जैसे कुछ नाटक किए। यहीं पर वह शम्मी कपूर के करीबी बन गए थे।
शुरू में राजेंद्र ने भूमिकाएं पाने के लिए संघर्ष किया जब तक शशधर कपूर और आशा पारेख अभिनीत, नासिर हुसैन द्वारा निर्देशित फिल्म दिल देके देखो में शशधर मुखर्जी ने उन्हें एक कॉमेडियन की भूमिका की पेशकश की।

खलनायक का किरदार भी निभाया
ऐसा नहीं है कि राजेंद्र नाथ सिर्फ कॉमेडी कलाकार थे। उन्होंने शशिकला के साथ ‘हमराही’ में खलनायक की भूमिका भी निभाई। जिसे खूब सराहा गया। उन्होंने अपने करियर में 187 फिल्में की हैं। वह सबसे प्रसिद्ध कॉमेडियन में से एक थे। कॉमेडियन के रूप में उनकी सबसे अच्छी भूमिका ‘मेरे सनम’ और ‘फिर वो दिल में आया’ में थी। उन्होंने ‘वचन’ और ‘किशोर बहुरानियां’ में हीरो या फिर सेकंड लीड की भूमिका भी निभाई। उन्होंने देवेंद्र गोयल की धड़कन और राजश्री प्रोडक्शन्स की ‘जीवन मृत्यु’ द्वारा में सहायक भूमिकाएं निभार्इं है। इसके अलावा उन्होंने 1961 में देव आनंद और आशा पारेख की फिल्म ‘जब प्यार किसी से होता है’ में मसखरे पोपटलाल की भूमिका निभाई थी तभी से यह नाम राजेंद्र नाथ का पर्याय बन गया। उन्होंने इस नाम का इस्तेमाल टीवी श्रृंखला हम पांच में किया था।