7 years of Gundey : अर्जुन कपूर : “गुंडे फिल्म में रणवीर सिंह के साथ काम करने का मौका मिला और हम दोनों बेस्ट फ्रेंड बन गए!”

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Arjun Kapoor
Arjun Kapoor

मुंबई | फ़िल्म Gundey में Arjun Kapoor और रणवीर सिंह के ऑन-स्क्रीन ब्रोमांस को ऑडियंस ने काफी पसंद किया और उनकी गहरी दोस्ती की वजह से इस फ़िल्म को बहुत जल्द कामयाबी मिली थी! फ़िल्म की रिलीज़ की 7वीं सालगिरह पर, अर्जुन बताते हैं कि किस वजह से गुंडे उनकी सबसे पसंदीदा फिल्मों में से एक है और हमेशा उनकी फेवरेट फ़िल्म रहेगी।

फ़िल्म ‘गुंडे’ की कौन सी बात आपको सबसे ज्यादा पसंद आई थी जिसकी वजह से आपने इस फ़िल्म को तुरंत साइन किया?

जब आदि सर ने मुझे यह फ़िल्म ऑफर की थी, तब मैं अपने करियर के शुरुआती दौर में था और इस बिजनेस में मुझे मुश्किल से 6 महीने ही हुए थे। बड़े कमर्शियल सेटअप वाली इस फ़िल्म में दो हीरो की जोड़ी साथ काम करने वाली थी। जब मैं अली (अब्बास ज़फ़र) से मिला, तो मुझे उनकी एनर्जी और फ़िल्म को एक बड़े एडवेंचर की तरह ट्रीट करने को लेकर उनका जबरदस्त एक्साइटमेंट मुझे काफी पसंद आया। यह फ़िल्म बीते ज़माने की यादों को ताज़ा करने वाला और 70 एवं 80 के दशक के सिनेमा के लिए एक ट्रिब्यूट की तरह था, और मैं भी उस दौर की फिल्में देखकर बड़ा हुआ था। यह फ़िल्म मुकुल आनंद, और सुभाष घई की फिल्मों की तरह अव्वल दर्जे की थी, जिसमें भाईचारे और गैंगस्टर्स के बारे में दिखाया गया था। जब आप एक यंग एक्टर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करते हैं, तो आपको मेनस्ट्रीम सिनेमा में इस तरह की नई-नई चीजें एक्सप्लोरर करना अच्छा लगता है। आप करियर की शुरुआत में ही खुद को इस्टैब्लिश करना चाहते हैं। आप ऊंचे स्तर की रियलिटी के साथ मेनस्ट्रीम सिनेमा में काम करना चाहते हैं, और सच कहूं तो गुंडे में ये सारी खूबियां मौजूद थी। वाकई इस तरह की फ्रंट-फूटेड और मेनस्ट्रीम सिनेमा में काम करने की बात से मैं काफी एक्साइटेड था।

इस फ़िल्म में रणवीर के साथ आपका ब्रोमांस इंस्टेंट हिट साबित हुआ था। हमें बताएं कि किस चीज ने आप दोनों के बीच के भाईचारे को बेहद खास बना दिया?

मेरे ख़्याल से इसकी वजह यह है कि हम दोनों ऑफ-कैमरा एक-दूसरे को काफी पसंद करते हैं और एक-दूसरे की रिस्पेक्ट करते हैं, क्योंकि हमने इस बात को समझा कि हमारे बीच बहुत सी चीजें कॉमन हैं और सच कहूं तो हम दोनों की उम्र में सिर्फ 10 दिनों का फासला है! हमारे बीच की बॉन्डिंग हमारी सोच से भी ज्यादा शानदार थी, और जब आप शुरुआत कर रहे होते हैं तो आप भूल जाते हैं कि आप एक एक्टर हैं। अपनी ज़िंदगी के उस स्टेज पर आप अपने करियर और एक-दूसरे से मुकाबले की बात नहीं सोचते हैं। आप केवल यही कोशिश करते हैं कि फ़िल्म को बेहतरीन बनाया जाए और इसका ज्यादा-से-ज्यादा आनंद लिया जाए। रणवीर और मैं फ़िल्म से पहले से ही एक-दूसरे को जानते थे इसलिए हमारे बीच अच्छी दोस्ती का रास्ता और भी आसान हो गया। इतनी शानदार फ़िल्म लिखने का क्रेडिट अली को जाता है जिसकी वजह से हम दोनों बेस्ट फ्रेंड बन गए। मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी कि रणवीर मेरे सबसे अच्छे दोस्त बन चुके थे। सारी चीजें अपने आप ही होती चली गई। हम दोनों एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं और हमारे बीच गधे और घोड़े जैसा (चॉक और पनीर जैसा) अंतर है, फिर भी हम दोनों एक-दूसरे के लिए बिल्कुल फिट साबित हुए हैं। यह चीनी और मसाले की तरह है, जो एक-दूसरे से अलग होने के बावजूद एक साथ काफी अच्छे लगते हैं। हम दोनों के अंदाज एक-दूसरे से पूरी तरह जुदा थे, लेकिन हमने साथ मिलकर काम किया और अंत में एक बेहतरीन फ़िल्म बनकर तैयार हुई। लोगों ने फ़िल्म का ट्रेलर देखने के बाद इस बात को महसूस किया, जिसमें हम दोनों एक यूनिट के तौर पर एक साथ बड़े अच्छे लग रहे थे। वास्तव में मुझे लगता है कि फ़िल्म की शूटिंग के दौरान हमने महसूस किया कि हमारे बीच का रिश्ता काफी स्पेशल है।

गुंडे में आप बिल्कुल नए अवतार में नज़र आए। इस फ़िल्म में आपको अपने किरदार के बारे में कौन सी बात सबसे ज्यादा पसंद आई थी?

  • सच कहूं तो मुझे कॉस्ट्यूम्स सबसे ज्यादा पसंद आई थी। 70 के दशक के एक गैंगस्टर की भूमिका निभाना मेरे लिए काफी एक्साइटिंग था। यह उस समय की मेरी पहली पीरियड फ़िल्म थी। जिस तरह से मुझे स्टाइल किया गया था, जिस तरह से मुझे प्रेजेंट किया गया था, लो-एंगल वाली ट्रॉलियों और जबरदस्त ट्रीटमेंट के अलावा, स्लो मोशन में दौड़ना, ट्रेन से बाहर निकलते हुए इंट्रोडक्शन, कोयले की ट्रेन पर उतरना, और भी बहुत सी चीजें काफी शानदार थी। मुझे लगता है कि इस फ़िल्म का प्रेजेंटेशन वाकई मुझे मिलने वाले किसी भी तीसरी फ़िल्म से बड़ी थी, जो बेहद कूल, काफी यूनिक और बहुत ज्यादा एक्साइटिंग था। आपको हमेशा यही लगता है कि इस स्केल तक पहुंचने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन अपने करियर के पहले छह / आठ महीनों के भीतर ही अपनी तीसरी फ़िल्म में मुझे एक बड़े एक्शन हीरो के रूप में प्रेजेंट किया गया और यह बात मुझे काफी पसंद आई।

आपके विचार से गुंडे की सबसे बड़ी खासियत क्या थी, क्योंकि यह फ़िल्म युवाओं को काफी पसंद आई थी?

  • मुझे लगता है कि रणवीर और मेरे बीच का तालमेल सबसे खास था, लेकिन इस फ़िल्म में दिग्गज अभिनेता इरफान सर, प्रियंका चोपड़ा जैसे बड़े स्टार की मौजूदगी भी काफी स्पेशल थी और बड़ी बजट वाली इस ब्लॉकबस्टर में हम सभी ने एक साथ काम किया जिसकी वजह से इतनी बेहतरीन फ़िल्म का निर्माण हुआ। लंबे समय के बाद, दो हीरो वाली फ़िल्म स्क्रीन पर आई थी और युवाओं ने इसका म्यूजिक भी काफी पसंद किया। मैं तो यही मानता हूं कि फ़िल्म के म्यूजिक और ट्रेलर की वजह से ही यह संभव हो पाया। फ़िल्म का टाइटल, जबरदस्त एक्शन, और निश्चित रूप से ‘तूने मारी एंट्रीयां’ जैसे गाने को दुनिया भर के लोगों ने बहुत पसंद किया। छह साल पहले हमने उस गाने को बड़े पैमाने पर फ़िल्माया था और जहां भी हम फ़िल्म को प्रमोट करने गए, वहां ‘तूने मारी एंट्रीयां’ जबरदस्त हिट साबित हुई।