31 Years of Agneepath : साल की Top 4 Grosser होकर भी फ्लॉप घोषित हो गई थी फिल्म, यह थी असल वजह

0
495
Agneepath 1990 movie
Cult classic movie Agneepath had been released in 16 February 1990.

BolBolBollywood.com, स्पेशल स्टोरी, मुंबई। बॉलीवुड फिल्म अग्निपथ (Agnee path) आज 31 साल पूरे हो चुके हैं। यह फिल्म 16 फरवरी 1990 को रिलीज की गई थी। इसका निर्देशन मुकुल आनन्द ने किया था। जबकि स्टार कास्ट की बाद कि जाए तो इसमें अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan), मिथुन चक्रवर्ती (Mithun Chakraborty), आलोक नाथ, माधवी, नीलम कोठारी और डैनी दोनजंपा जैसे कलाकार शामिल थे।  फिल्म का निर्माण यश जोहर ने किया था। इस फिल्म का टाइटल अग्निपथ कविता से लिया गया था। जो हिंदी के प्रसिद्ध कवि हरिवंशराय बच्चन की कविता है। जबकि फिल्म की कहानी मुंबई के गैंगस्टर मान्या सुरवे के जीवन पर आधारित बताई जाती हैं।

अमिताभ बच्चन के करियर के लिहाज से यह फिल्म मील का पत्थर साबित हुई थी। धांसू डायलॉग और उम्दा अदाकारी के बदौलत यह साल 1990 की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि इसके बावजूद फिल्म अपना बजट नहीं निकाल पाई और बॉक्स ऑफिस पर असफल घोषित हो गई। जबकि दूसरी ओर, इस फिल्म ने अमिताभ की सबसे बड़ी सफल कमर्शियल मूवी होने का टैग हासिल कर लिया था। जैसे-जैसे वक्त आगे बढ़ा फ़िल्म खुद-ब-खुद बॉलीवुड की कल्ट (Cult) फिल्मों में जगह बनाने में कामयाब हो गई। इसके 22 साल बाद फिल्म 2012 में रीमेक की गई थी। जिसमें संजय दत्त, ऋतिक रोशन, ऋषि कपूर जैसे कलाकार शामिल थे। हालांकि, यह अपनी मूल फिल्म की तुलना में कमर्शियली हिट साबित हुई।

बिग बी को मिला था पहला नेशनल अवॉर्ड
इस फिल्म ने अमिताभ बच्चन को अपने करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड से दिलाया था। 38वें नेशनल अवॉर्ड समारोह में उन्हें अपने करियर का पहला बेस्ट एक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया था। वहीं, 36वें फिल्म फेयर अवॉर्ड में मिथुन चक्रवर्ती और रोहिणी हट्टागड़ी को बेस्ट सपोर्टिंग कलाकार का सम्मान दिया गया था।

मिथुन ने कड़वी यादों को पर्दे पर उतारा
अग्निपथ में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को कृष्णन अय्यर की अनूठी भूमिका के लिए जाना जाता हैं । दरसअल, यह कैरेक्टर उनके संघर्ष के दिनों के उनके एक रूममेट से प्रेरित था। दरसअल, जब मिथुन संघर्ष कर रहे थे तब वे देवियो नाम के शख्स के साथ एक कमरा साझा करते थे। वह 150 रुपए का भुगतान करता था, जबकि मिथुन 75 रुपए ही दे पाते थे। देवियो के पास बिस्तर था जबकि वे फर्श पर सोते थे। एक बार ऐसा वक़्त आया जब मिथुन को उसका बिस्तर इस्तेमाल करना पड़ा। जब देवियो वापस आया, तो उसने उन्हें बुरी तरह फटकार लगा दी। इस घटना को मिथुन कभी भूल नहीं सके और जब उन्हें अग्निपथ में मौका मिला तो वे इस पर्दे पर उतारने से नहीं चूके।