रूहानी जज्बातों की अधूरी दास्ताँ (Dilip Kumar-Madhubala): अधूरा होकर भी अमर हो गया बॉलीवुड के पन्नों पर स्वर्णाक्षरों से दर्ज मोहब्बत का “तराना”

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Dilip Kumar - Madhubala
Dilip Kumar - Madhubala

मुंबई | वैसे तो हम बॉलीवुड में अकसर बॉलीवुड सितारों के बीच प्रेम संबंधों के बारे में सुनते हैं,जिनमे से कुछ को मुकाम हासिल हुआ और कुछ को नहीं ,मगर कुछ कहानियाँ ऐसी भी हैं ,जो मंजिल को ना पाकर भी हमेशा के लिए बॉलीवुड के पन्नो में स्वर्णाक्षरों से दर्ज हो गयी है | ऐसा ही एक खूबसूरत प्यार का अफ़साना है दिलीप कुमार और मधुबाला का |जो एक दुसरे के प्यार में पड़े मगर उनकी कहानी भी शादी तक का यह सफ़र तय नहीं कर सकी |

दिलीप कुमार और मधुबाला ने एक साथ 4 फिल्मों में काम किया, उनकी एक साथ पहली फिल्म 1951 की तराना थी। पहले मधुबाला,ज्वार भाटा में मुख्य भूमिका निभाने वाली थी, जिसमें दिलीप कुमार भी लीड रोल में थे |बाद में वह फिल्म में काम करने में असमर्थ रही , लेकिन यही वह क्षण था जब मधुबाला की नज़र दिलीप कुमार पर जा टिकी और फिर वह हमेशा के लिए उनके दिल में जगह बना गए |फिर वह लम्बे अरसे तक एक दूसरे से नहीं मिले |

madhu- dilip
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इसके बाद मधुबाला और दिलीप कुमार की मुलाकात सात साल बाद तराना के सेट पर हुई जब वह अठारह साल की थी। शूटिंग के दौरान मधु ने दिलीप कुमार को लाल गुलाब के साथ उर्दू में लिखा एक सन्देश भेजा, जिसमें लिखा था “अगर आपको मुझसे मोहब्बत का इकरार हो तो इस गुलाब को कुबूल फरमाएं|” दिलीप ने मुस्कुरुकर उस गुलाब को अपने पास रख लिया और फिर शुरू हुई उनकी दास्तान ए मोहब्बत |”

इस बार मधुबाला गहराइयों से दिलीप कुमार के साथ जुड़ती चली गयी और फिर जहाँ मधुबाला वहीं दिलीप साहब | हालंकि मधु के पिता अताउल्ला खान को उनका यह रिश्ता बड़ा ही नागवार गुजरता था और वह मधु पर कड़ी नज़र रखने लगे| जब मुग़ल ए आज़म की शुरुआत हुई, तब वे प्यार में थे, लेकिन बनाने के दौरान उनका रिश्ता टूट गया,माना जाता है उनके ब्रेक अप का कारण मधुबाला के पिता ही थे।

Dilip Kumar- Madhubala
Dilip Kumar- Madhubala

अताउल्लाह खान मधुबाला की दिलीप कुमार से शादी नहीं करना चाहते थे। दिलीप कुमार ने अपनी जीवनी में लिखा है कि उनके ब्रेक अप का कारण मधुबाला के पिता थे जो वास्तव में उनके साथ एक फिल्म बनाना चाहते थे लेकिन दिलीप ने मना कर दिया था और यही वह वक़्त था जब वह दिलीप साहब से खफा हो गए | मधुबाला बहुत आज्ञाकारी बेटी थी जो अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध नहीं जा सकती थी। इस दंपति ने कुछ वर्षों तक इस तरह से अपने अफेयर को निभाया और अंततः 1957 में दोनों का ब्रेकअप हो गया |

Madhubala- Dilip Kumar
Madhubala- Dilip Kumar

1956 में बीआर चोपड़ा ने फिल्म ‘नया दौर’ के लिए दिलीप कुमार और मधुबाला को चुना था और शुरुआती शूटिंग के बाद फिल्म का बाकी हिस्सा भोपाल के पास बुधनी में शूट होना था , लेकिन इस बात के लिए मधुबाला के पिता तैयार नहीं थे। ऐसे में आखिरकार फिल्म से मधुबाला को बाहर कर दिया गया और वैजयंती माला को साइन कर दुबारा फिल्म को शूट किया गया | दिलीप कुमार ने इस समय मधु के पिता का साथ ना देकर बीआर चोपड़ा का साथ दिया, क्योंकि उन्हें लगता था कि अताउल्ला उनकी वजह से मधुबाला को भोपाल जाने नहीं दे रहे।

अताउल्ला खान ने अदालत में ‘नया दौर’ की शूटिंग पर रोक लगाने के लिए केस कर दिया। इस केस के जवाब में चोपड़ा ने भी मधुबाला को फिल्म के साइनिंग अमाउंट के तौर पर दिए हुए 30 हजार रुपए की वापसी के लिए केस लगा दिया। इन्हीं विवादों के दौरान एक बार अदालत में दिलीप कुमार से पूछा गया कि क्या वो मधुबाला से प्यार करते हैं? दिलीप कुमार ने सबके सामने कहा, ‘हां मैं मधु से प्यार करता हूं और उसे हमेशा प्यार करता रहूंगा’। मुकदमे में दिलीप कुमार और मधुबाला के बीच व्यक्तिगत संबंधों को सबूत के तौर पर रखा गया था, और उनका पूरा मामला सुर्खियों में आया था।

बाद में दिलीप कुमार ने सायरा बानो से शादी की और मधुबाला ने किशोर कुमार से मगर फिर भी कभी उन्होंने अपने प्यार की बात को अपनाने से मुंह नहीं मोड़ा |हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान मधुबाला की बहन ने खुलासा किया कि मधुबाला मरते दम तक दिलीप साहब को याद करती रहीं और हमेशा कहती रही कि हम शायद एक दुसरे के लिए नहीं बने हैं मगर दिलीप ने बेहद खूबसूरत लड़की से शादी की है |

वैसे चाहे उनके प्यार को मंजिल भले ही ना मिली हो मगर आज भी उनकी क्लासिक फिल्मों को देख दर्शक इस जोड़ी की एक दुसरे के प्रति उनके प्यार की गहराई को महसूस कर सकते हैं |

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