Sridevi डेथ एनिवर्सरी: 300 फिल्मों में काम, हिंदी सिनेमा की First Female Super star लेती थी एक फिल्म की इतनी फीस

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Sridevi
Veteran actress Shri devi death anniversary 24 February 2018

BolBolBollywood.com, स्पेशल स्टोरी, मुम्बई। बॉलीवुड की अभिनेत्री श्रीदेवी (Sridevi)  की आज तीसरी डेथ एनिवर्सरी (Death Anniversay) हैं। अब से 3 से तीन साल पहले 24 फरवरी 2018 को उनका निधन हो गया था। महज 4 साल की उम्र से अभिनय शुरू करने वालीं श्रीदेवी ने अपने करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया हैं। उन्हें हिंदी सिनेमा की पहली फीमेल सुपर स्टार (First female Super Star) का दर्जा हासिल है। कहा जाता है कि श्रीदेवी का स्टारडम ऐसा था कि निमार्ता उन्हें एक फिल्म के लिए 1 करोड़ जितनी बड़ी रकम देने से भी गुरेज नहीं करते थे। उन्होंने तमिल फिल्म से करियर शुरू करने के बाद से निधन तक पांच भारतीय भाषाओं में लगातार काम किया जिनमें तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी शामिल है। बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपने पांच दशक पुराने करियर में उन्होंने कई यादगार फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया हैं। उनके करियर की बात की जाए तो श्रीदेवी ने 63 हिंदी, 62 तेलुगु, 58 तमिल, 21 मलयालम और कई कन्नड़ फिल्मों में काम किया हैं। उनकी आखिरी फिल्म जीरो थी जिसमें उन्होंने एक कैमियो किया था। यह फिल्म उनके निधन के बात रिलीज हो सकी थी।

1967 में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर डेब्यू
श्री देवी ने अपने करियर की शुरुआत 1967 में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट तमिल फिल्म ‘कंधान करुनाइ’ से की थी। इसके बाद उन्होंने कई स्थानीय फिल्मों में काम किया। जबकि हिंदी फिल्मों की बात की जाए तो श्रीदेवी का 9 साल की उम्र में 1972 में पहली बार ‘रानी मेरा नाम’ से पदार्पण किया। वहीं, उनकी पहली लीड भूमिका 13 साल की उम्र में तमिल फिल्म मुन्दुरु मुदिचु में थी। यह फिल्म 1976 में रिलीज की गई थी। यही वह फिल्म थी जिसने श्रीदेवी की दक्षिण भारतीय सिनेमा में स्थापित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में एक के बाद काम किया।

जुली से मिली पहचान, हिम्मतवाला ने दिलाई ख्याति
सबसे पहले श्रीदेवी 1975 की रोमांटिक ड्रामा फिल्म जुली में दिखाई दी थी। जिसमें उनके काम को खूब पसंद किया गया था। इस फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड में कदम जमाने में मदद की थी। इसके बाद उन्होंने 1979 में ‘सोलवां सावन’ में यादगार किरदार निभाया। इसके चार साल बाद आई हिम्मतवाला ने श्रीदेवी की सफलता की बुलन्दियों पर पहुंचा दिया। इसके बाद 1983 में उनकी फिल्म मवाली, 1983 में ही जस्टिस चौधरी, तोहफा (1984),नया कदम (1984), मकसद (1984), मास्टर जी (1985), कर्मा (1986), नजराना (1987), मिस्टर इंडिया (1987), वक़्त की आवाज (1988), चांदनी (1989) ने धूम मचा दी थी।

श्रीदेवी को सदमा (1983), नगीना (1986), चालबाज (1989), लम्हें (1991), खुदा गवाह (1992), गुमराह (1993), लाडला (1994) और जुदाई (1997) सहित फिल्मों में उनके अभिनय के लिए जबरदस्त प्रशंसा मिली थी। इसके बाद उन्होंने काफी समय तक (1997 से 2004) इंडस्ट्री से ब्रेक ले लिया था। इसके बाद टेलीविजन शो सिटकॉम मालिनी अय्यर (2004-2005) में टाइटैनिक नायक की भूमिका के बाद श्रीदेवी ने बेहद सफल कॉमेडी-ड्रामा इंग्लिश विंग्लिश (2012) के साथ फिल्म अभिनय में वापसी की और फिर थ्रिलर मॉम (2017) में उन्होंने अपनी 300वीं भूमिका निभाई है।

कई पुरस्कार से नवाजी गईं पद्मश्री श्रीदेवी
श्री देवी को मरणोपरांत सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आंध्र प्रदेश और केरल की राज्य सरकारों द्वारा उन्हें मानद पुरस्कार भी प्रदान किए गए। 2013 में भारत सरकार ने उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया। श्रीदेवी को भारतीय सिनेमा के शताब्दी वर्ष के अवसर पर 2013 में आयोजित एक सीएनएन-आईबीएन राष्ट्रीय चुनाव में ‘100 वर्षों में भारत की सबसे महान अभिनेत्री’ चुना गया था।

फिल्म निर्माता बोनी कपूर से की शादी
24 फरवरी 2018 को श्रीदेवी को संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में जुमेराह एमिरेट्स टावर्स होटल में अपने अतिथि कक्ष में एक दुर्घटनावश डूबने से मृत पाया गया। जबकि उनका जन्म 13 अगस्त 1963 को मद्रास में हुआ था। उन्होंने फिल्म निर्माता बोनी कपूर से शादी की थी। श्रीदेवी जान्हवी कपूर सहित उनके दो बच्चे हैं।