फेरी टेल्स भी सच हो सकते हैं – ऋचा राठौर

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भले ही मैंने आईटी इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है, लेकिन मैंने परफॉर्म करने की ललक को कभी नहीं छोड़ा क्योंकि मैं अपने भविष्य को लेकर बिलकुल साफ़ थी- ऋचा राठौर StarPlus पर आने वाले नए फिक्शन शो ‘आपकी नज़रों ने समझा’ के जरिए प्रतिभाशाली अभिनेत्री ऋचा राठौर स्टार प्लस पर शुरू हो रही अपनी इस जर्नी को लेकर बहुत एक्साइटेड हैं। इतना ही नहीं ऋचा इस शो में मुख्य अभिनेत्री की भूमिका निभाते हुए दिखाई देंगी। यह एक आज के ज़माने की आकांक्षावादी (आशावादी) लड़की नंदिनी की कहानी है, जो अपने जीवन की सभी बाधाओं से गुज़रते हुए दर्श नाम के एक नेत्रहीन व्यक्ति में अपने प्रिंस चार्मिंग को खोजती है। नंदिनी का किरदार निभाने वाली ऋचा राठौर से हुई ख़ास बातचीत के कुछ प्रमुख अंश:

हमें StarPlus आने वाले अपने शो के बारे में कुछ बताएं ? स्टार प्लस पर आने वाला ‘आपकी नज़रों ने समझा’ शो एक असाधारण प्रेम कहानी नहीं है, जो आए दिन टेलीविजन पर देखि जाने वाली प्रेम कहानियों से बिलकुल अलग है। इसमें दर्शकों को कई नए किरदार देखने को मिलेंगे, जिनसे आने वाले दिनों में दर्शकों को प्यार हो जाएगा।

इस शो में काम करने के दौरान आपने एक कलाकार के रूप में आपने अपने बारे में कौन सी नई चीजें खोजीं ?

मुझे हमेशा से यह डर था कि मैं भीड़ के सामने शूटिंग करते वक्त नर्वस हो जाउंगी, लेकिन गुजरात के द्वारका शहर में शूटिंग के दौरान मुझे यह एहसास हुआ कि मैं लोगों के बीच अभिनय करते समय खुद को सबसे सहज महसूस कर रही हूँ। यह अजीब है, लेकिन वहां की भीड़ ने मुझे एक अलग तरह की ऊर्जा और आत्मविश्वास दिया, जिससे मुझे बेहतर परफॉर्म करने में मदद मिली।

‘आपकी नज़रों ने समझा’ शो में अपने किरदार के बारे में कुछ बताएं ?

इस शो में नंदिनी एक गुजराती लड़की का किरदार है जो एक छोटे से गाँव से आती है। वह एक आज़ाद ख्यालों वाली लड़की है जो भोली होने के साथ-साथ स्मार्ट भी है और उसके पास लोगों को देने के लिए ढेर सारा प्यार है। इतना ही नहीं वह अपना एक खुद का व्यवसाय करने में भी सक्षम है।

क्या आपने इस भूमिका के लिए किसी से प्रेरणा ली है ?

गुजरात के द्वारका शहर में हो रही हमारे शो की शूटिंग के दौरान, मैंने उन युवा लड़कियों के साथ बातचीत की, जो वहाँ रहती हैं, जिससे मुझे वहां की संस्कृति और उनकी जीवनी को समझने में मदद मिली। इस प्रक्रिया से मुझे गुजराती बोली को पकड़ने में मदद मिली, जो मेरे किरदार के लिए बहुत आवश्यक हैं। इसलिए मैं कहूँगी कि मैंने अपने किरदार के लिए वहां कि साधारण लड़कियों से प्रेरणा ली है जो बहुत ही मेहनती, हिम्मती और ज़िंदा दिल हैं।

यह शो अन्य शोज़ से खुद को अलग कैसे बनाता है ?

इस शो की ख़ासियत इसके कांसेप्ट में छिपी है कि कैसे एक दृष्टिहीन व्यक्ति को समाज में देखा जाना चाहिए। इसके अलावा, यह किरदार बहुत फ्रेश हैं क्योंकि वे शो में कई विविध गुणों को जोड़ता है। यह देखना वास्तव में दिलचस्प होगा कि कैसे अलग-अलग जिंदगियां जीने वाले दो व्यक्ति एक असामान्य तरीके से अपने प्यार को एक-दूसरे से बया कर पाते हैं।

शो में इस किरदार के लिए आपके द्वारा की गई विभिन्न तैयारियों के बारे में कुछ बताएं ?

मैंने कुछ वर्कशॉप्स में भाग लेकर इस किरदार के लिए अपनी तैयारी शुरू की। इससे मुझे जरूरी गुजराती बोली को पकड़ने में मदद मिली इसके साथ मैंने वहां के कुछ सामान्य वाक्यांश भी सीखे, जिनका आम तौर पर द्वारका शहर में उपयोग किया जाता है। बीते दिनों के साथ, मैं अपने किरदार को और बेहतर ढंग से समझ पा रही हूँ और अपने किरदार की तह तक पहुंचने की पूरी कोशिश कर रही हूँ।

मुख्य किरदार के रूप में यह आपका पहला शो है इसलिए आपको कैसा महसूस हो रहा है और क्या आप इसको लेकर थोड़ी नर्वस हैं ?

फिलहाल, मेरा दिल पूरी तरह कृतज्ञता से भरा है। मेरे अंदर इस वक्त कई प्रकार के इमोशंस का मिश्रण उफान पर है। मैं एक ओर जहाँ नर्वस और चिंतित हूँ वहीं अपने किरदार को लेकर बेहद उत्साहित भी हूं क्योंकि इस शो में दर्शकों के देखने लायक बहुत कुछ है। मुझे इससे बेहतर प्रोजेक्ट नहीं मिल सकता था और मैं यह बात सुनिश्चित करना चाहती हूँ कि मैं अपने किरदार को लेकर अपना बेस्ट दूँ।

2021 के लिए आपका क्या एजेंडा है ?

2021 के लिए मेरा फिलहाल कोई एजेंडा नहीं है। मैं अपने हर नए दिन का बाहें खोलकर स्वागत करती हूँ और इस समय मैंने अपनी पूरी आत्मा और अपना दिल अपने करेंट प्रोजेक्ट पर लगा रखा है।



आप इन दिनों खुद को कैसे फिट रख रही हैं ?

ईमानदारी से कहूं तो मैं फिटनेस एंथुजिएस्ट नहीं हूं। पर मैं इस बात का ख़ास ख्याल रखती हूँ कि मैं घर का पका हुआ भोजन खाऊ और बहुत सारे फलों का सेवन करूं, जो मुझे स्वस्थ रहने में मदद करते हैं।


इस भूमिका को निबंधित करते समय क्या आपको कोई चुनौतियों का सामना करना पड़ा ?

सबसे पहले, मैं हिमाचल प्रदेश से आती हूं, जिसमें बिलकुल अलग-अलग सांस्कृतिक और भौगोलिक परिदृश्य हैं और दुर्भाग्य से मुझे कभी भी गुजरात के लोगों के बीच रहने का मौका नहीं मिला है इसलिए मुझे गुजारती लहजे को स्वीकार करना और इसे खुदमें उतारना किसी मुश्किल काम से कम नहीं था। फिर भी अपनी टीम की मदद मैं इस चुनौती को पार करने में सक्षम रही और तब से मैं हर गुजरते दिन के साथ बेहतर करने की कोशिश कर रही हूं।


क्या आप मानते हैं कि परियों की कहानियां सच होती हैं क्योंकि आपका शो एक पुनर्परिभाषित परियों की कहानी बयां करता है ?

मेरे लिए जो एक परियों की कहानी है, वह किसी और के लिए वास्तविकता हो सकती है। मुझे लगता है कि परियों की कहानी लोगों में एक उम्मीद जगाती है और उन्हें प्रेरणा देती है भले ही यह कितनी भी जादुई या आकर्षक हो इससे फर्क नहीं पड़ता जो उम्मीद इसके पीछे छूट जाती है वह लोगों में कुछ वास्तविक परिवर्तनों में बदल सकती है। मैं लोगों को यह विश्वास दिलाना चाहती हूँ कि ऐसी कहानियां भी सच हो सकती हैं जैसे हमारा शो दर्शकों को इस बात पर विश्वास दिलाएगा कि प्यार की कोई सीमा नहीं होती है।

हमें अपने सह-कलाकार विजेंद्र कुमेरिया के साथ साझा किए गए अपने बांड को लेकर कुछ बताएं ?

विजेंद्र हमेशा बहुत सपोर्टिव रहे हैं। वह सभी के प्रति बहुत विनम्र है। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, मैं उन्हें और बेहतर तरीके से समझ पा रही हूं। हालांकि, द्वारका शहर में शूटिंग के दौरान हमारे पास एक अच्छा समय था और मुझे उम्मीद है कि हम अपनी दोस्ती को और भी विकसित कर सकते हैं जो हमें प्रोफेशनल रूप से ऑन स्क्रीन और बेहतर दिखने में मदद मिलेगी।


क्या आप हमेशा एक अभिनेत्री बनना चाहती थीं ?

स्कूल में, मुझे हमेशा एक्स्ट्रा करक्युलम एक्टिविटीज में भाग लेने में ज्यादा मज़ा आता था। मैं हमेशा ऐसे अलग-अलग नाटक और डांस कार्यक्रमों में भाग लेती थी जो स्वाभाविक रूप से मुझे परफॉर्म करने की ओर खींचते थे। भले ही मैंने आईटी इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है, लेकिन मैंने परफॉर्म करने की इच्छा को कभी नहीं छोड़ा और कहीं न कहीं मेरे दिल में यह बात हमेशा से थी कि भविष्य में मैं क्या करने वाली हूँ।

आप अपने आप को आगे क्या करते देखते हैं?

वर्तमान में, मैं खुद को एक अभिनेत्री के रूप में खुद को पोलिश करने और अपनी क्षमताओं को बढ़ाने में लगी हूँ। अभिनय के क्षेत्र में आने वाले दिनों के लिए खुदको तैयार कर रही हूँ।


क्या आप नियति पर विश्वास करते हैं क्योंकि यह शो दर्शकों को भाग्य पर विश्वास करने के लिए प्रेरित करता है?

नियति को भले ही अपने अनुसार डिज़ाइन किया जा सकता है, लेकिन यह कभी भी तय नहीं होती है। यह शो एक ऐसी लव स्टोरी को दर्शाता है जो अपना रास्ता खुद बनाता है। हालाँकि, यह उनका संघर्ष और उनका खुदका प्रयास है कि वह कैसे इसे जीतते हैं और किस प्रकार एक दुसरे के लिए लड़कर खड़े होते हैं।


आपका गुजरात के द्वारका में शूट करने का अनुभव कैसा रहा ?

कुल मिलाकर यह मेरे लिए एक शानदार अनुभव था क्योंकि मैंने पहली बार ऐसी अलग- अलग सेटिंग्स के साथ भीड़ के बीच आउटडोर शूटिंग की।


इस नए सामान्य के बीच शूटिंग करना आपको कैसा लगता है ?

सावधान रहने के अलावा इसका सामना करने का दूसरा कोई रास्ता नहीं है। हम सभी आवश्यक सावधानियों और सुरक्षा मापदंडों का पूरा पालन कर रहे हैं और मुझे लगता है कि वर्तमान में यह सही काम है।

लॉकडाउन के दौरान आपने अपना समय कैसे बिताया ?

मैं आठ महीने से हिमाचल प्रदेश में स्थित अपने होमटाउन शिमला में थी। मैंने इस दौरान कुछ दिलचस्प बातें सीखीं जैसे कि लकड़ी से टेबल बनाना टेबल, सब्जियों और फलों की बुवाई और कटाई की प्रक्रिया, अपने पसंदीदा गानों पर गिटार बजाना और बहुत कुछ जिसकी लिस्ट लम्बी है। साथ ही मैंने पहाड़ के कई और क्रिएटिव पहलुओं को भी एक्सप्लोर किया, जो आपको शहर के व्यस्त जीवन से बहुत दूर ले जाते हैं। सबसे अच्छा हिस्सा यह रहा कि मैंने इन सभी महीनों में अपना पूरा समय अपने परिवार के साथ बिताया जिससे मुझे बहुत सारी खुशी का अनुभव मिला।