Bombay To Goa: पहली बार Big B को मिला था सिंगल लीड रोल, दोस्ती की खातिर Villain बन गए थे ‛शत्रु’

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Bombay to goa 1972 Movie
Bombay to goa 1972 Movie

BolBolBollywood.com, स्पेशल स्टोरी, मुम्बई। आज बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म बॉम्बे टू गोवा (Bombay To Goa) को रिलीज हुए 49 साल हो चुके हैं। कमर्शियल सक्सेसफुल रही इस फिल्म को बॉलीवुड ‛शहंशाह’ अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के करियर में ‛मील का पत्थर’ माना जाता है। दरसअल, 3 मार्च 1972 को रिलीज हुई इस फिल्म में पहली बार अमिताभ बच्चन सिंगल लीड भूमिका में नजर आए थे। इससे पहले वे अपनी पिछली फिल्मों में कई अन्य कलाकारों के साथ दिखाई दिए थे। इस फिल्म के बाद अमिताभ बच्चन का करियर शानदार तरीके से आगे बढ़ता गया। 1972 की बॉम्बे टू गोवा से पहले उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन इन फिल्मों में वे लीड रोल में नहीं थे। जैसे उनकी पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी जो 1969 में रिलीज हुई थी में सात हीरो थे। जबकि 1971 की परवाना में राज निश्चल मुख्य कलाकार थे। यहीं नहीं इसी साल आई आनंद (Anand Movie) में भी राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) मुख्य भूमिका में थे। बहरहाल, बॉम्बे टू गोवा के बाद 1973 में जंजीर ने ऐसा जादू बिखेरा कि उसके बाद अगले 15 साल से अधिक समय तक उनका स्टारडम कायम रहा।

तमिल फिल्म मद्रास टू पांडिचेरी का रिमेक थी
फिल्म के स्टार कास्ट की बात की जाए तो इसमें अमिताभ बच्चन के अलावा शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughn Singha), अरूणा ईरानी (Aruna Irani), महमूद (Mahmood) प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिल्म का निर्देशन एस रामनाथन द्वारा किया गया था। दरअसल, यह फिल्म 1966 की हिट तमिल फिल्म मद्रास से पांडिचेरी की रीमेक है। तमिल संस्करण में नागेश द्वारा निभाई गई भूमिका को महमूद ने हिंदी संस्करण में बदल दिया। इसके बाद 2007 में बॉम्बे टू गोवा को इसी शीर्षक के साथ कई कॉमेडियन कलाकारों के साथ फिर से बनाया गया था। वहीं, 2004 की मराठी फिल्म नवरा माज़ा नवसाचा भी इससे प्रेरित दिखाई देती हैं।

विलेन के किरदार के लिए तैयार नहीं थे ‛शत्रु’
गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) द्वारा अमिताभ बच्चन को इस फिल्म में देखने के बाद जंजीर (Zanjeer) में उनकी भूमिका के लिए चुना गया था। हालांकि, एक मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पहले अमिताभ की इस भूमिका के लिए राजीव गांधी (Rajeev Gandhi) को चुना गया था। लेकिन, तब हालात ऐसे हो गए कि वे राजनीति में उतर गए। दरअसल, हकीकत में महमूद ने विशेष रूप से अपने भाई अनवर अली और अमिताभ बच्चन को लॉन्च करने के लिए यह फिल्म बनाई थी। अमिताभ बच्चन ने शत्रुघ्न सिन्हा पर खलनायक की भूमिका करने के लिए दबाव डाला, हालांकि वह इसे करने के लिए उत्सुक नहीं थे। लेकिन वे अपने संघर्षपूर्ण दिनों से उनके साथ घनिष्ठ मित्रता के कारण ही राज़ी हुए थे।