रूहानी जज्बातों की अधूरी दास्ताँ (Raj Kapoor-Nargis) : प्यार हुआ-इकरार हुआ, मगर यादों में सिमट कर रह गयी कहानी

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Raj Kapoor- Nargis
Raj Kapoor- Nargis

Raj Kapoor-Nargis-अगर बॉलीवुड लव स्टोरी के पन्ने पलटे जाए और उसमे नरगिस और राजकपूर (Raj Kapoor)की कहानी ना हो तो यह किताब अधूरी ही मानी जायेगी |बरसात (barsaat)के मौसम में चोरी चोरी (Chori-Chori)दोनों के (Awara)दिल धडके और फिर प्यार हुआ ,इकरार हुआ |इस जोड़ी ने अपनी ऑन स्क्रीन केमेस्ट्री से बड़े पर्दे पर (aag) लगा दी |जब इन दोनों का कोई भी रोमांटिक सीन आता तो दोनों के प्यार का अंदाज़ (Andaaz) देख लोगों की आह (Aah) निकल जाती थी |

राज कपूर (Raj Kapoor)बॉलीवुड के शोमैन थे और नरगिस दत्त खूबसूरत प्रतिभाशाली अभिनेत्री थीं जिन्होंने बॉलीवुड में अपने लिए एक खास जगह बनाई थी। दोनों के बीच रोमांस होना जायज था।उन्हें बॉलीवुड के पहले कपल के रूप में भी जाना जाता है । राज कपूर, जिनके साथ नरगिस ने 16 फिल्मों में काम किया, जिनमें से छह आरके बैनर प्रोडक्शंस थे, निस्संदेह उनके जीवन का पहला प्यार थे । वह केवल 19 वर्ष की थी जब राज कपूर उनके जीवन में आए थे और अपनी पहली ही मुलाक़ात में वह उनकी दीवानी हो गयी थी |

पहली मुलाक़ात

वैसे तो कहा जाता है कि राज कपूर (Raj Kapoor)और नरगिस की मुलाकात पहली बार वर्ष 1949 में फिल्म अंदाज़ के निर्माण के दौरान हुई थी। ऐसा कहा जाता है कि कपूर नरगिस उसी पल फ़िदा हो गए जब उन्होंने उसे देखा और मगर यह भी सुनने में आया है कि राज कपूर एक बार नरगिस की माँ से मिलने उनके घर गए थे और वह घर पर नहीं थी| नरगिस तब पकोड़े तल रही थी और उनके बालों पर बेसन लगा हुआ था तब उनके इस भोले अंदाज़ को देख राज का दिल उन पर आ गया था |

1950 के दशक में कपूर (Raj Kapoor)की लगभग सभी फिल्मों में नरगिस का होना एक आम बात बन गई थीं, क्योंकि वह खुद भी राज के प्यार में थी वह उनकी हर फिल्म के लिए तुरंत हाँ कर देती थी | बेशक वह राजकपू की पत्नी नहीं थी मगर उन्होंने राज के लिए काफी त्याग किया |

Raj Kapoor - Nargis
Raj Kapoor – Nargis

राजकपूर (Raj Kapoor)की फिल्म को सफल बनाने के लिए नरगिस ने पहली बार बिकनी पहनी थी |कहा जाता है फिल्म आवारा के लिए 12 लाख का बजट तय किया था मगर एक गाने के लिए उन्होंने 8 लाख खर्च किया ,उस समय फिल्म की सफलता राजकपूर के लिए बहुत जरुरी थी तब इस गाने को और फिल्म को सफल बनाने के लिए नरगिस ने बिकनी पहनी थी |ना केवल इतना बल्कि राजकपूर के आर्थिक संकट के समय आर के स्टूडियो को बचाने के लिए नरगिस ने अपने सोने के कंगन बेच दिए थे और उनकी मदद की थी|इसका जिक्र पत्रकार मधु जैन की किताब ‘फर्स्ट फैमिली ऑफ इंडियन सिनेमा: द कपूर्स’में किया गया है।

इस जोडी का जादूई

राजकपूर(Raj Kapoor) के नरगिस के लिए प्यार की गहराई भी कुछ कम नहीं थे इसका पता इस बात से ही लगाया जा सकता है कि फिल्म आग आर के स्टूडियो में फिल्माई गयी पहली फिल्म थी ,जिसमे दोनों ने पहली बार साथ में काम किया था और उनके प्यार की शुरुआत हुई थी|फिल्म बरसात में राज कपूर और नरगिस पर फिल्माया गया सीन जिसमे वह उनकी बाहों में झूल रही थी यही आर के स्टूडियो का लोगो भी है |

दोनों की जोड़ी ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन इतनी फेमस थी कि इसके सामने किसी और जोड़ी का टिकना नामुमकिन था। दोनों ने कई सफल और यादगार फिल्मे हिदी सिनेमा को दी |इसमें से छह फिल्में तो आरके बैनर की ही थी। इस लिस्ट में आग, बरसात, अंदाज़, आवारा, आह, श्री 420, जागते रहो और चोरी-चोरी जैसी बेमिसाल फिल्में शामिल हैं।

Raj kapoor -Nargis
Raj kapoor -Nargis

क्यो टुटी ये जोडी…

जब नरगिस राज कपूर(Raj Kapoor) से मिली उस समय वह पहले से ही शादीशुदा थे, और उनसे शादी नहीं करना चाहते थे |हालाँकि नरगिस को तो उनकी दूसरी पत्नी बनना भी मंजूर था |उन्होंने उस समय के कई प्रमुख कानूनी विशेषज्ञों से भी सलाह ली कि किसी विवाहित व्यक्तिसे किस तरह दूसरी शादी की जा सकती है । राज कपूर उस समय पहले से ही तीन बच्चों के पिता होने के कारण कभी भी उनसे शादी नहीं करना चाहते थे। 1950 के दशक के मध्य तक, कपूर ने नरगिस को यह बात बताई और 1956 में फिल्म चोरी चोरी एक साथ उनकी आखिरी फिल्म थी ।

नरगिस ने खुद ही राज कपूर (Raj Kapoor)और आरके स्टूडियो से दूरियां बनानी शुरू कर दीं और साल 1956 में फिल्म ‘जागते रहो’ की शूटिंग खत्म होने के बाद नरगिस ने स्टूडियो में कभी भी कदम नहीं रखा। हालांकि, राज कपूर ने नरगिस के स्टूडियो में ना आने के बाद भी उनकी वहां छोड़ी गई चीजों को ठीक वैसे ही संभालकर रखा जैसे वो उन्हें छोड़कर गयी थी । जब तक राज कपूर जिंदा थे, तब तक उन चीजों को किसी ने भी हाथ नहीं लगाया।

कहा जाता है कि नरगिस इस रहस्योद्घाटन के बाद डिप्रेशन में चली गईं, लेकिन सुनील दत्त की मदद से जल्द ही इससे बाहर निकल गईं जब उन्हें मदर इंडिया बनने के दौरान सुनील दत्त से प्यार हो गया। जिनके साथ वह 1958 में शादी के बंधन में बंधी । ऐसा कहा जाता है कि सुनील और नरगिस की शादी की खबर सुनकर राज कपूर (Raj Kapoor)इतने निराश हो गए थे कि उन्होंने खुद को अपने कमरे में बंद कर लिया, और घंटों एक साथ रोते रहे।

Nargis-Sunil Dutt
Nargis-Sunil Dutt

सुनील दत्त से शादी के बाद ही नरगिस और राजकपूर (Raj Kapoor)दोनों अपनी जिंदगी में व्यस्त हो गए और बाद में नरगिस कैंसर से लड़ते लड़ते हार गयी और 3 मई 1981 को दुनिया से अलविदा कह दिया |सुनील दत्त ने अमेरिका में भी उनका इलाज करवाया , लेकिन भारत आते ही वो कोमा में चली गईं, और दुनिया से रुखसत हो गयी । जब राज कपूर को उनकी मृत्यु के बारे में पता चला, तब वो पहले तो हंसे और हंसते-हंसते रोने लगे। 2 जून 1988 को अस्थमा की वजह से उन्होंने भी दुनिया छोड़ दी | इस तरह राज कपूर और नरगिस की कहानी अधूरी होकर भी अमर हो गयी |

Suni Dutt- Nargis
Suni Dutt- Nargis

वैसे चाहे उनके प्यार को मंजिल भले ही ना मिली हो मगर आज भी उनकी क्लासिक फिल्मों को देख दर्शक इस जोड़ी की एक दुसरे के प्रति दीवानगी को महसूस कर सकते हैं |बॉलीवुड की ऐसी ही रूहानी अनसुनी प्रेम कहानियों के बारे में जानने के लिये जुड़े रहिये बोल बोल बॉलीवुड ( https://bolbolbollywood.com/ )से |