एंड टी वी के कलाकार ग्रेसी सिंह और तन्वी डोगरा ने दी ‘’Mahashivratri की शुभकामनाएं

0
313

‘महाशिवरात्रि’ के त्यौहार को ‘भगवान शिव की महान रात्रि‘ के नाम से भी जाना जाता है। पूरे देशभर में इस त्यौहार को पूरी भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है। ‘महाशिवरात्रि’ के पावन मौके पर, भक्त उन्हें प्रसाद चढ़ाते हैं, प्रार्थनाएं करते हैं और शिवलिंग की पूजा-अर्चना करते हैं। शिवलिंग को भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। पारंपरिक रूप से यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती के विवाह दिवस के रूप में मनाते हैं। इस त्यौहार में देवी पार्वती का विशेष महत्व है।

एण्डटीवी के ‘संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं’ में संतोषी मां की भूमिका निभा रहीं, ग्रेसी सिंह कहती हैं, ‘‘पुराणों के अनुसार ‘महाशिवरात्रि’ वह रात है, जब भगवान शिव समुद्र मंथन के दौरान ढेर सारी वस्तुओं में से निकला विष का पूरा प्याला पी गये थे। भोलेनाथजी ने अपने कंठ में विष को रोककर पूरी दुनिया की रक्षा की थी और इसी वजह से उनका नाम ‘नीलकंठ’ पड़ गया था। एक अन्य मत के अनुसार भगवान शिव ने एक ही रात में सृजन, संरक्षण और विनाश का पारलौकिक नृत्य किया था, जिसे ‘महाशिवरात्रि’ के नाम से जाना जाता है।
’’
इस उत्सव के बारे में तन्वी डोगरा यानी स्वाति कहती हैं, ‘‘इस त्यौहार के दिन सारे भक्त सुबह जल्दी उठते हैं , नहा-धोकर नये कपड़े पहनते हैं। मंदिर की सफाई करते हैं और फूल, बेलपत्र, धतूरे के साथ-साथ शिवलिंग पर फल और दूध चढ़ाते हैं। इसके बाद शिव चालीसा, आरती और महामृत्यंजय का जाप किया जाता है। इस पूजा-अर्चना के बाद हलवा या खीर के रूप में प्रसाद का वितरण किया जाता है, जिसे कि भगवान शिव को भोग लगाते हैं। सारे भक्त व्रत रखते हैं और दिनभर सिर्फ फल खाते हैं। सूर्यास्त से पहले पूजा की जाती है और उसके बाद सिर्फ सात्विक भोजन ही ग्रहण किया जाता है। यह त्यौहार मनाने वालों और दिनभर व्रत रखने वालों को मैं ‘महाशिवरात्रि’ की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।’’

देखिये, ‘संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं’, सोमवार से शुक्रवार, रात 9 बजे केवल एण्डटीवी पर