Sagar Sarhadi का 88 साल की उम्र में हुआ निधन

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Sagar sarhadi
Sagar sarhadi

मुंबई |दिग्गज लेखक-निर्देशक Sagar Sarhadi ने लंबी बीमारी के बाद सोमवार को अंतिम सांस ली। वह 88 वर्ष के थे। दिल की समस्या के बाद उन्हें हाल ही में सायन के एक कार्डियक केयर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था।

बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर दिवंगत निर्देशक (Sagar Sarhadi) की एक पुरानी तस्वीर साँझा करते हुए उनके निधन पर शोक व्यक्त किया | उन्होंने इसे कैप्शन दिया, विल मिस यू… आर.आई.पी. |”हंसल मेहता ने लिखा- रेस्ट इन पीस  सागर सरहदी साहब  |

सागर साहब ने नूरी, बाजार, कभी कभी , सिलसिला, चांदनी , दीवाना और कहो ना प्यार है जैसी कई सुपरहिट फिल्मों की पटकथा लिखी थी |उर्दू प्ले राइटर के रूप में उनका काम आज भी लोगों के जहन में जिंदा है |सागर सरहदी की आखरी फ़िल्म चौसर थी जिसमे अमृता सुभाष और पूर्वा पराग जैसे कलाकार है,हालांकि फिल्म का कुछ हो नही पाया ।इस फ़िल्म का ग़म कही उनके अंदर था

सागर साहब (Sagar Sarhadi) को पहचान मिली थी यश चोपड़ा की फिल्म कभी कभी से | उन्हें इस फिल्म के लिए बेस्ट डायलॉग के लिए उन्हें फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला था. कभी कभी में अमिताभ के अलावा काफी बड़ी स्टार कास्ट शामिल थी |जिसमे अमिताभ के अलावा शशि कपूर, राखी, वहिदा रहमान, ऋषि कपूर और नीतू कपूर लीड रोल में थे |

Sagar Sarhadi, जिनका असली नाम गंगा सागर तलवार है, जो पाकिस्तान के एबटाबाद से हैं। वह एक अनुभवी आईपीटीए सदस्य हैं, जिन्होंने 60 के दशक के अंत और 70 के दशक की शुरुआत में खालसा और सेंट जेवियर्स के लिए अपने थिएटर प्रतियोगिताओं में फारूक शेख और शबाना आजमी जैसे कलाकारों को पेश किया था|