सलीम जावेद : Haathi Mere Saathi से किया डेब्यू, ऐसे हाथ आई थी फिल्म

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haathi mere saathi
haathi mere saathi 1971

BolBolBollywood, Special, Story, मुंबई। बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) की साल 1971 में आई फिल्म ‘हाथी मेरे साथी’ (Haathi Mere Saathi ) को रिलीज हुए 50 साल हो चुके हैं। साथ ही अधिकृत तौर पर सलीम-जावेद की जोड़ी को भी। 1 मई को रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स आॅफिस पर साल की सबसे बड़ी सफल फिल्मों में से एक थी। यह फिल्म इसलिए खास है कि इसके साथ ही पहली बार पटकथा लेखक को के्रडिट देने की परंपरा भी शुरू की गई थी। यही नहीं, सलीम-जावेद (Salim Javed) की जोड़ी को इस फिल्म की पटकथा लिखने के लिए बड़ा अमाउंट दिया गया था। दरअसल, सलीम खान और जावेद अख्तर ने 500-500 रुपए की सैलरी पर जीपी सिप्पी के सिप्पी फिल्म्स के स्टोरी डिपार्टमेंट में नौकरी करते हुए कई फिल्में लिखीं। लेकिन बतौर लेखक हाथी मेरे साथी’ (Haathi Mere Saathi) से उनकी जोड़ी को क्रेडिट मिलने की शुरुआत हुई।

यह किस्सा भी मशहूर
दरअसल, एक बार जावेद अख्तर से पूछा गया था कि यह फिल्म किस तरह से उनकी झोली में आई तो उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि, राजेश खन्ना एक दिन सलीम साब के पास गए और कहा कि निर्माता देवर ने उन्हें एक बड़ी बतौर साइनिंग अमाउंट दी है। लेकिन यह फिल्म दिवा चेयल की रीमेक है और मूल स्क्रिप्ट बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने हमें बताया कि यदि हम स्क्रिप्ट को सही तरीके से लिख सकने में सफल हो गए तो वे सुनिश्चित करेंगे हमें पैसा और क्रेडिट दोनों मिले।’

निर्माता ने निभाया था कैमियो किरदार
आपको बता दें कि इसकी कहानी निर्माता सैंडो एमएम चिन्नाप्पा थेवर द्वारा लिखी गई थी। वे तमिल मूल के हैं और तमिलनाडु में थेवर फिल्म्स के मालिक हैं। यही नहीं थेवर ने फिल्म में एक छोटा सा कैमियो भी निभाया था। यही नहीं फिल्म के निर्माता थेवर के भाई एमए थिरुमुगम द्वारा इसे निर्देशित और संपादित किया गया था। एमए थिरुमुगम द्वारा निर्देशित इस फिल्म के संवाद इंद्र राज आनंद ने लिखे थे।

तमिल फिल्म देवा चेयाल का रिमेक थी
यह फिल्म सैंडो एमएम ए चिन्नाप्पा थेवर की 1967 की तमिल फिल्म देवा चेयाल का रिमेक थी। इस फिल्म की सफलता के बाद थेवर ने इसे 1972 में तमिल में नाला नेरम के रूप में दोबारा बनाया। फिल्म को 1969 से 1971 के बीच राजेश खन्ना की 17 लगातार हिट फिल्मों में गिना जाता है।

राजेश खन्ना की जिद और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की मुहर
दरअसल, सुपरस्टार राजेश खन्ना की जिद थी कि इस फिल्म (हाथी मेरे साथी) में उनके सारे गाने किशोर कुमार ही गाएं। लेकिन, खुद किशोर कुमार ने कहा कि क्लाइमेक्स के हाई पिच वाले गीत के साथ अगर कोई न्याय कर सकता है तो वे सिर्फ रफी साहब है। बाद में किशोर कुमार के इस सुझाव पर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने सहमति जताकर मुहर लगा दी। आखिरकार ‘नफरत की दुनिया को छोड़ के’ गाने को मोहम्मद रफी ने गाया था। जबकि अन्य तीन गानों में लता मंगेशकर और किशोर कुमार की आवाजें है। वहीं, दो गीतों को किशोर कुमार की आवाज से सजाया गया है।