34 Years of Mr India : 179 मिनट की Movie, 175 दिनों तक सिनेमाघरों में खींचती रही दर्शकों की भीड़

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Mr India Movie
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BolBolBollywood, स्पेशल स्टोरी, मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर (Anil Kapoor) के करियर की सबसे अहम फिल्म मिस्टर इंडिया (Mr India Movie) को आज 34 साल पूरे हो चुके हैं। यह फिल्म 25 मई 1987 को सिनेमाघरों में रिलीज की गई थी। शेखर कपूर द्वारा निर्देशित इस फिल्म की पटकथा सलीम-जावेद (Saleem-Javed) ने लिखी थी। जबकि बोनी कपूर और सुरेंदर कपूर ने इसका निर्माण किया था। 179 मिनट की यह फिल्म 175 दिनों तक सिनेमाघरों में टिकी रही। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल (Laxmikant Pyaarlal) ने साउंडट्रैक की रचना की, जबकि जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने गीत लिखे। वामन भोंसले और गुरुदत्त शिराली ने संयुक्त रूप से इसे संपादित किया था।

दरअसल, बच्चों की एक फैमिली ड्रामा मूवी ‘मासूम’ (Masoom Movie 1983) को देखने वक्त बोनी कपूर के मन में भी ख्याल आया कि क्यों न इस तरह की एक फिल्म बनाई जाए। इसके बाद वे डायरेक्टर शेखर कपूर (Shekhar Kapoor) से मिले और अपने मन की बात उन्हें बताई। बस फिर क्या था। कहानी का प्लाट बोनी कपूर (Boney Kapoor) उन्हें समझा ही चुके थे तो बात आगे बढ़ने में बहुत ज्यादा परेशानी नहीं हुई। सबसे पहले सुपरहिट जोड़ी सलीम-जावेद से संपर्क किया गया और उन्हें बताया गया कि एक फिल्म (Mr India Movie) बनाई जाना है जिसकी कहानी तुम्हें ही लिखना है। बात आगे बढ़ी तो लीड कैरेक्टर के लिए अनिल कपूर और श्रीदेवी का चयन कर लिया गया। लेकिन, मैन विलेन मौगेंम्बो के किरदार के लिए काफी उधेड़बून की स्थिति निर्मित हो गई। कुछ लोगों का कहना था कि इसके लिए अनुपम खेर का चयन कर लिया जाए। बताते चले कि 25 मई के दिन ही 1984 में अनुपम खेर की पहली फिल्म ‘सारांश’ को रिलीज किया गया था। हालांकि, बाद में अनुपम खेर को यह कहते हुए रिजेक्टर कर दिया गया कि उनका चेहरा मौगेम्बो के किरदार जैसा रफ नहीं है। वे स्क्रीन टेस्ट में उनका लुक चाकलेटी और हास्य वाला नजर आ रहा था। इसी वजह से उनकी जगह अमरीश पुरी को साइन कर लिया गया।

आगे बढ़ते हैं…फिल्म (Mr India Movie) की शूटिंग श्रीनगर, मुंबई और भारत के अन्य स्थानों में जुलाई 1985 से शुरू हुई और यह 350 दिनों के बाद खत्म हुई थी। आखिर में जब यह फिल्म रिलीज हुई तो अभिनेता अनिल कपूर को बॉलीवुड में न केवल स्थापित करने में सफल रही, बल्कि कमाई के लिहाज से भी मुनाफे का सौदा साबित हुए। फिल्म दर्शकों को खूब पसंद और इसने साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था। भारी भरकम बजट 38 मिलियन में निर्मित हुई फिल्म ने 100 मिलियन से अधिक की आय अर्जित की थी।

जब फिल्म के स्टार कास्ट को लेकर बातचीत चल रही थी तो बोनी कपूर के एक मौका हाथ आया। दरअसल, वे चाहते थे कि उनकी पसंदीदा एक्ट्रेस उनकी फिल्म में बतौर फीमेल लीड काम करे। कहने वाले तो यह भी कहते हैं कि श्रीदेवी की फिल्म ‘सोलहवां सावन’ (1979) को देखते ही बोनी उन्हें दिल दे बैठे थे। लेकिन, कहते हैं न दिल के अरमान दिल में तब तक दबे रहते हैं जब कि वे हकीकत में न बदल जाए। ऐसा बोनी के साथ भी हुआ। वे श्रीदेवी के साथ अपने एकतरफा इश्क को 1979 से 1987 तक मन में ही पाले रहे। फिर इन दोनों का प्यार फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ (Mr India Movie) के दौरान धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा। 1970 के दशक में जब श्रीदेवी एक तमिल भाषा की फिल्म शूट कर रही थी उस समय बोनी उनके पास ‘मिस्टर इंडिया’ का आॅफर लेकर चेन्नई यह सोचकर गए थे कि शायद इससे कुछ बात बन जाए। लेकिन श्रीदेवी शूटिंग के सिलसिले में बाहर थी और उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।

श्रीदेवी के प्रति बोनी कपूर के इश्क की बानगी एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद ही शेयर की थी। बोनी ने बताया कि ‘मिस्टर इंडिया’ (Mr India Movie) के लिए श्रीदेवी को इम्प्रेस करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी और इसके मैंने उन्हें मुंहमांगी कीमत से भी ज्यादा पैसे दिए थे। दरअसल, श्रीदेवी की मां ने फिल्म के 10 लाख रुपए की बड़ी रकम बतौर पारिश्रमिक मांग ली थी। यह वह दौर था जब किसी भी हिरोइन को इतने पैसे नहीं मिला करते थे। लेकिन, इश्क तो इश्क होता है। बोनी न केवल उन्हें 10 लाख रुपए देने पर राजी हुए बल्कि एक लाख रुपए की रकम अतिरिक्त भी देने का वादा कर दिया।

अमिताभ को भी आॅफर हुई थी यह फिल्म
बात चल निकली है तो एक रोचक से भी आपको राब्ता कराते चलें। दरअसल, यह फिल्म (Mr India Movie) सबसे पहले अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) को आॅफर की गई थी। लेकिन, चूंकि वे राजनीति में सक्रिय हो चुके थे और ऐसे में संभव नहीं था कि वे फिल्मों के लिए समय निकाल पाए। इस वजह से उन्होंने बोनी कपूर को फिल्म में काम करने से मना कर दिया था।

अदृश्य आदमी की कहानी और बॉलीवुड
आपको बता दें कि इससे पहले 1957 में नाना भाई भट्ट ने ‘मिस्टर एक्स’ नाम से बनाई थी जिसमें अशोक कुमार एक अदृश्य होने वाले लीड कैरेक्टर के रोल में थी। साथ ही यह बॉलीवुड की पहली फिल्म थी जिसमें अदृश्य होने वाले व्यक्ति को दिखाया गया था। आगे चलकर मिस्टर इंडिया में अशोक कुमार को प्रोफेसर सिन्हा के किरदार में दिखाया गया था।

सलीम-जावेद की जोड़ी की आखिरी फिल्म
बॉलीवुड की सुपरहिट राइटर जोड़ी सलीम-जावेद की लिखी फिल्मों में मिस्टर इंडिया आखिरी थी। 23 हिट फिल्में देने के बाद इन दोनों के बीच तनातनी शुरू हो गई। जावेद अख्तर से अलग होने के बाद सलीम खान ने संजय दत्त की फिल्म नाम फिल्म लिखी थी तो वहीं जावेद अख्तर की पहली सोलो फिल्म बेताब थी।

2008 मेें सीक्वल की चर्चा लेकिन..
फिल्म का चार्म अब तक बरकरार है और यह टेलीविजन पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्मों में जगह बना चुकी है। ऐसे निर्माता बोनी कपूर ने 2008 में फिल्म को फिर बनाने की बात कही थी। जिसमें अनिल कपूर, श्रीदेवी लीड किरदार निभाने वाले थे और सलमान खान के लिए मौगेम्बो जैसा किरदार रचा जाना था। लेकिन, फिल्म अब तक फ्लोर पर नहीं आ सकी है।

‘मौगेम्बो खुश हुआ’ डॉयलॉग से खुश नहीं थे शेखर कपूर
फिल्म में अमरीश पुरी के किरदार के कालजयी डॉयलॉग ‘मौगेम्बो खुश हुआ’ के बार-बार दोहराने से निर्देशक शेखर कपूर खुश नहीं थे। लेकिन, जावेद अख्तर ने उन्हें समझाया कि भविष्य में यह डॉयलॉग हर विजेता के लिए तकियाकलाम हुआ करेगा। जैसे कपिल देव किसी मैच में सिक्स मारेगा तो भीड़ कहेगी मौगेम्बो खुश हुआ। बाद में जावेद अख्तर का यह डॉयलॉग एक मैच के दौरान शेखर कपूर को सच साबित होता दिखाई दिया था।