बंगाली रंगमंच की दिग्गज कलाकार Swatilekha Sengupta का निधन

0
82
Swatilekha Sengupta
Swatilekha Sengupta passed away.

मुंबई। बंगाली रंगमंच की दिग्गज कलाकारों में से एक स्वातिलेखा सेनगुप्ता (Swatilekha Sengupta) का आज 16 जून को निधन हो गया। स्वातिलेखा पिछले 25 दिनों से किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी। लंबे समय तक मेडिकल ट्रीटमेंट के बावजूद भी उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 71 वर्षीय अभिनेत्री Swatilekha Sengupta की हालत हाल ही में तेजी से बिगड़ गई। जिसके बाद उन्होंने बुधवार को एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली है। बहरहाल, उनके निधन पर फिल्म, टेलीविजन और थिएटर से जुड़ी हस्तियों ने इसे ‘बहुत बड़ी क्षति’ करार देते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

मेरी मां एक महान इंसान और कलाकार थीं: बेटी सोहिनी
आपको बता दें कि स्वातिलेखा की इकलौती बेटी सोहिनी भी एक लोकप्रिय कलाकार हैं और अपने दमदार अभिनय के लिए जानी जाती हैं। स्वातिलेखा के निधन के बाद सोहिनी ने कहा, ‘मेरी मां एक महान इंसान और कलाकार थीं। उनके काम को याद किया जाएगा। वह शानदार स्टूडेंट थी। उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था। वह हमेशा लोगों की मदद करती रहती थी।’ सोहिनी कई थिएटर प्रोजेक्ट्स और फिल्मों का हिस्सा रही हैं। वर्तमान में दुलाल लाहिड़ी, रत्ना घोषाल, कौशिक रॉय, त्रिना साहा स्टारर ‘खोरकुटो’ में एक भावपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

वह थिएटर प्रोजेक्ट्स के लिए स्क्रीनप्ले लिखती थीं
गौरतलब है कि स्वातिलेखा और उनके पति रुद्रप्रसाद सेनगुप्ता का बंगाली थिएटर में योगदान अद्वितीय है। वह थिएटर प्रोजेक्ट्स के लिए स्क्रीनप्ले लिखती थीं। दिग्गज अभिनेत्री मंच पर और कैमरे के सामने समान रूप से वाकपटु थी। उन्होंने सत्यजीत रे की ‘घरे बैरे’, नंदिता रॉय-शिबोप्रसाद मुखर्जी द्वारा निर्देशित ‘बेला शेष’ और ‘बेलाशुरू’, राज चक्रवर्ती ने ‘धर्मजुद्धा’ और अन्य में अभिनय किया। उन्हें एक अभिनेता के रूप में भारतीय रंगमंच में उनके योगदान के लिए पश्चिम बंगा नाट्य अकादमी पुरस्कार, 2011 संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।