MP Ki Sherni : एमपी टूरिज्म की विद्या बालन स्टारर Sherni के साथ भागीदारी, 18 जून को होगी Release

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MP Ki Sherni : एमपी टूरिज्म की विद्या बालन स्टारर Sherni के साथ भागीदारी, 18 जून को होगी Release

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन (Vidya Balan) स्टारर फिल्म शेरनी (MP Ki Sherni) 18 जून को अमेजॉन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर स्ट्रीम होने जा रही है। खास बात यह है कि फिल्म के अधिकतर हिस्सों को मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में शूट किया गया है। ऐसे में एमपी टूरिज्म ने निर्माताओं टी सीरीज और अबूदंतिया इंटरटेनमेंट के साथ मिलकर मार्केटिंग साझेदारी (MP Ki Sherni) करने का फैसला किया है।

उम्मीद है फिल्म देखना दर्शकों के लिए अनूठा अनुभव
अभिनेत्री विद्या बालन ने एमपी में शूटिंग के अनुभवों को सांझा करते हुए कहा कि, ‘मध्यप्रदेश के जंगलों में वास्तविक और लाइव स्थानों पर फिल्म की शूटिंग करना मेरे लिए जीवन-भर का अनुभव रहा है। मध्यप्रदेश की नैसर्गिक सुंदरता और विरासत ने फिल्म की कहानी को एकदम सही पृष्ठभूमि प्रदान की है। उम्मीद है कि फिल्म को देखना दर्शकों के लिए एक अनूठा अनुभव होगा। उन्होंने बताया कि उन्हें मध्यप्रदेश में शूटिंग करने में उन्हें बहुत मजा आया और यहां के लोगों के मिलनसार व्यवहार ने इसे और भी खास बना दिया।’

‘शेरनी’ को इन स्थानों पर किया शूट
मप्र के पर्यटन प्रमुख सचिवशिव शेखर शुक्ला ने बताया कि फिल्म ‘शेरनी’ को मध्यप्रदेश के वास्तविक और मनोहारी जंगलों, कान्हा नेशनल पार्क, रायसेन के भूत पलासी और बालाघाट के आसपास के क्षेत्रों में शूट किया गया है। फिल्म ‘शेरनी’ का वर्ल्ड प्रीमियर 18 जून को 240 से अधिक देशों में अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगा। प्रदेश की नैसर्गिक सुंदरता से पर्यटकों को रू-ब-रू कराने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ‘शेरनी’ फिल्म के निर्माताओं के साथ सिंबायोटिक मार्केटिंग और प्रमोशन कैंपेन में भागीदारी कर रहा है। सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया में हैशटैग ‘एमपी की शेरनी’ के साथ फिल्म का प्रमोशन किया जा रहा है।

मानव और जानवरों के संघर्ष की कहानी
फिल्म ‘शेरनी’ मानव जाति और जानवरों के बीच संघर्ष के जटिल मुद्दों की खोज करती है। फिल्म में अभिनेत्री विद्या बालन एक मध्य स्तरीय वन अधिकारी की भूमिका निभा रही है, जो कई बाधाओं और सामाजिक दबावों के बावजूद भी अपनी टीम और स्थानीय सहयोगियों के साथ पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए संघर्ष करती है। फिल्म एक संवेदनशील विषय से संबंधित है, जो न केवल मानव-पशु के बीच बल्कि मनुष्य के बीच भी सम्मान, आपसी समझ और सहअस्तित्व के विभिन्न पहलुओं को छूती हैं।