जयेशभाई जोरदार

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जयेशभाई जोरदार
जयेशभाई जोरदार

सुपरस्टार रणवीर सिंह ने फ़िल्म ‘83’ में बेहतरीन परफॉर्मेंस के साथ आने वाले समय के लिए एक मिसाल कायम की है, जिसमें उन्होंने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी और टीम के कैप्टन, कपिल देव के किरदार को पर्दे जीवंत कर दिया है। रणवीर को बड़े पैमाने पर लोग इस जनरेशन का सबसे शानदार एक्टर मानते हैं, और वे तीन बार ऑस्कर अवार्ड जीतने वाले जाने-माने एक्टर डेनियल डे-लुईस से काफी इंस्पायर्ड हैं, जिन्हें अपनी हर फ़िल्म में खुद को किरदार के अनुरूप ढालने में महारत हासिल है।

रणवीर कहते हैं, “मैं हमेशा ऐसे किरदारों को निभाने की कोशिश करता हूं, जो लीक से हटकर हो और एक-दूसरे से अलग हो, क्योंकि एक एस्पायरिंग एक्टर के तौर पर अपने सफ़र में आगे बढ़ते हुए मुझे उन सभी एक्टर्स से बेहद लगाव महसूस हुआ, जिनमें अलग-अलग रेंज के किरदारों को बखूबी निभाने की काबिलियत है, जो खुद को पूरी तरह ट्रांसफॉर्म कर सकते हैं,

शेप-शिफ्टिंग में माहिर होते हैं, और डेनियल डे-लुईस की तरह खुद को अपने किरदार में ढाल सकते हैं। जब आप ऐसे किसी कलाकार की दो अलग-अलग फिल्में देखते हैं – तो आपको लगता है कि दो अलग-अलग लोगों ने ये किरदार निभाए हैं, जिसे देखकर मैं सचमुच हैरान हो जाता हूं। इसलिए मैं भी ऐसा बनने की कोशिश करता हूं, मेरे मन में भी ऐसा बनने की ख़्वाहिश है।”

हाल के दिनों में, रणवीर ने अव्वल दर्जे के परफॉर्मेंस के साथ बड़े पर्दे पर कुछ सबसे यादगार किरदार निभाए हैं। ‘बैंड बाजा बारात’, ‘लुटेरा’, ‘राम लीला’, ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘पद्मावत’, ‘गली बॉय’, ’83’ में उन्होंने अपने बेमिसाल एक्टिंग स्किल्स से सभी का दिल जीत लिया है।

यह पूछने पर कि, एक एक्टर के रूप में कौन सी चीज उन्हें बड़ी चुनौतियों का सामना करने का हौसला देती है, वे कहते हैं, “मुझे कठिन चुनौतियों का सामना करने में मजा आता है। जब ऐसी चुनौतियां मेरे सामने आती हैं, तो मुझे डर लगता है। जब संजय लीला भंसाली ने ‘अलाउद्दीन खिलजी’ के किरदार, कबीर ख़ान ने ‘कपिल देव’ के किरदार या रोहित शेट्टी ने ‘सिम्बा’ जैसे जोशीले मसाला कैरेक्टर के बारे में मुझे बताया, तो शुरुआत में मुझे घबराहट हुई।

ऐसे हालात में, मैं थोड़ा घबरा जाता हूं और नर्वस महसूस करता हूं। लेकिन यह भी एक एनर्जी है। यह बात मैंने कृष श्रीकांत से सीखी, क्योंकि खुशकिस्मती से फ़िल्म ’83’ के प्रमोशन के दौरान मुझे उनके साथ समय बिताने का मौका मिला। उन्होंने मुझे बताया कि यह एक एनर्जी है – इसे न तो बनाया जा सकता है और न ही इसे ख़त्म किया जा सकता है, इसे केवल ट्रांसमिट और ट्रांसफॉर्म किया जा सकता है। इसलिए, मैं भी अपने नर्वसनेस को एनर्जी में बदल देता हूं, जिससे मुझे ट्रांसफॉर्मेशन में काफी मदद मिलती है। इस तरह की चुनौतियों से मेरा हौसला बढ़ता है और मैं उन्हें पूरी तरह से अपना बना लेता हूं।”

रणवीर ने पर्दे पर खुद को कपिल देव के किरदार में पूरी तरह से ढाल लिया है, और हर कोई उनकी इस काबिलियत की भरपूर तारीफ कर रहा है। सभी ने कहा कि स्क्रीन पर उन्हें एक्टर रणवीर सिंह नहीं, बल्कि कपिल नज़र आ रहे थे।

वे कहते हैं, “कपिल देव की शख़्सियत बेहद खास है और उनका बॉडी लैंग्वेज, बात-चीत का तरीका एकदम अलग है। मेरे लिए तो यह एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन मैं इसके लिए तैयार था और काफी एक्साइटेड था। मुझे लगा कि यह मेरे लिए एक नया चैलेंज है, ऐसा मैंने पहले कभी नहीं किया है। पहले भी मैंने ऐसे किरदारों या खलनायक के किरदारों को निभाया है –

लेकिन उनका कोई लिविंग रेफरेंस नहीं है। ऐसे किरदारों को निभाने की चुनौती थोड़ी अलग होती है, जिसमें आपको अपनी इमेजिनेशन का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन इस फ़िल्म में मुझे एक ऐसी शख़्सियत का किरदार निभाना था, जो बेहद लोकप्रिय हैं और लोग उनसे अच्छी तरह वाकिफ़ हैं। सचमुच यह किरदार बेहद चुनौतीपूर्ण था।”

रणवीर आने वाले दिनों में YRF की फ़िल्म ‘जयेशभाई जोरदार’, शंकर की ब्लॉकबस्टर फ़िल्म ‘अन्नियन’ की रीमेक, रोहित शेट्टी की ‘सर्कस’, और करण जौहर की ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में दिखाई देंगे।