R.K.studio के बाद अब कमालिस्तान स्टूडियो की बारी-बनेगा काम्प्लेक्स

बीते महीने मुंबई के चेंबूर में स्थित कपूर खानदान की शान आरके स्टूडियो के बिकने की खबर ने कई सिनेमा प्रेमियों को भाव विवश कर दिया और अब फिल्म मेकर कमल अवरोही के 60 साल पुराने फिल्म स्टूडियो ‘कमालिस्तान स्टूडियो’ के बिकने की खबर ने एक बार फिर से लोगों को बड़ा झटका दिया है।

‘कमालिस्तान स्टूडियो’ में कदम रखते ही एक अलग सी दुनिया में पहुंचने का एहसास होता है। आप के जेहन में पाकीज़ा की थिरकन और रज़िया सुल्तान के प्यार के लम्हे साफ़ साफ़ दिखाई देने लगते है |

यहां जैसे आप अंदर की ओर आगे बढ़ते हैं, आपकी आंखो के सामने तमाम पुरानी और कुछ नई फिल्मों के दृश्य ताजा हो जाते हैं।

ऐसा लगता है मानों इस जगह से आपका कोई पुराना नाता हो, हर चीज अपनी सी और देखी हुई लगती है। ‘कमालिस्तान स्टूडियो’ की अधिकतर जगहों को आप आसानी से पहचान लेंगे, लेकिन यह स्टूडियो भी अब बिक गया है ”

स्टूडियो साल 2010 में ही बिक गया था। इस स्टूडियो को बेंगलुरु की डीबी रियलिटी ने खरीदा है। हमने सुना है कि वे लोग यहां एक बहुत बड़ा आईटी पार्क बनाने वाले हैं। वैसे अब तक स्टूडियो में इस कंपनी ने कोई काम नहीं शुरू किया है।

अब तक कोई आदेश नहीं मिला है कि अब यहां शूटिंग नहीं होगी। यहाँ पहले की तरह ही शूटिंग हो रही हैं। हां यह जरूर है कि अब कभी भी समय यहां शूटिंग का काम बंद हो सकता है।’ स्टूडियो कितने में बिका है और इस जमीन को लेकर किस तरह की डील हुई है अब तक इस बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया है।

one of the indian classic film pakeeza shot in kamalistan studio
pakeeza poster

कमाल अमरोही ने साल 1958 में ‘कमालिस्तान स्टूडियो’ की स्थापना की थी। इस स्टूडियो में ‘महल’ (1949 ), ‘पाकीजा’ (1972 ), ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘कालिया’ और ‘रजिया सुल्तान’ (1983) जैसी तमाम फिल्मों की शूटिंग हुई है।

अब तक यहां कई फिल्मों की शूटिंग चल रही है। टीवी पर आने वाले डेली शोप की शूटिंग भी सालों-साल चलती रहती है। ‘अमर अकबर एंथनी’ और ‘कालिया’ जैसी हिट फिल्में भी यहीं शूट हुई हैं.

meena kumari in pakeeza
legendary actress in her classic film pakeeza

मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में लगभग 15 एकड़ में फैला ‘कमालिस्तान स्टूडियो, दूसरा ऐसा ऐतिहासिक स्टूडियो है, जिसे बेचा गया है। मुंबई के चेंबूर में बनें आरके स्टूडियो को गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड ने खरीदा है।

खबरों की मानें तो आरके स्टूडियो करीब 500 करोड़ रुपए में बिका है। इस स्टूडियो की स्थापना 1948 में की गई थी। यहां ‘राम तेरी गंगा मैली’, ‘प्रेम रोग’, ‘मेरा नाम जोकर’, ‘आवारा’ जैसी कई महान फिल्में शूट हुई थीं। इस स्टूडियो की जगह अब एक लग्जरी रिटेल सेंटर बनेगा।

ये दुर्भाग्य की बात है की हम उन पुरानी चीजों को कबाड़ खाने में फेंक देते हैं, जो हमारे लिए धन नहीं जुटा पाती हैं। जहा एक और भारतीय सिनेमा ने 100 साल पूरे कर लिए, वही इस सुनहरी यादों को संजोय रखने में सरकार की कोई दिलचस्पी नहीं |

महान गीतकार साहिर के बंगले को तोड़ कर काम्प्लेक्स बना दिया गया ,वही क्लासिक फिल्मे देने वाले इन स्टूडियोज में भी शासन की कोई रूचि नहीं | यह कड़वा सच है कि न सरकारें और न ही फिल्म इंडस्ट्री हमारे सिनेमाई विरासत के बारे में सोचती है।’