Amitabh Bachchan कर रहे हैं रोज 2000 जरुरतमंदों को खाना वितरित

Amitabh Bachchan

मुंबई | बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता Amitabh Bachchan ने COVID-19 महामारी के बीच मुंबई के जरूरतमंदों को दोपहर और रात का भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिदिन 2000 पैकेट भोजन वितरित करना शुरू कर दिया है।

उनका यह कदम ,अखिल भारतीय फिल्म कर्मचारी परिसंघ से जुड़े दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के एक लाख परिवारों को मासिक राशन प्रदान करने के अलावा है।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा “इस बीच, व्यक्तिगत मोर्चे पर .. शहर के विभिन्न स्थानों पर दोपहर के भोजन और रात के खाने के लिए हर दिन 2000 पैकेट दिए जा रहे हैं .. और लगभग 3000 बैग मासिक प्रावधान के लिये वितरित किये जा रहे हैं ।

उन्होंने उन स्थानों का भी पता लगाया जहाँ जरूरतमंदों को खाना दिया जा रहा था। “हाजी अली दरगाह, माहिम दरगाह, बाबुलनाथ मंदिर, बांद्रा में झोपड़पट्टी और शहर के कुछ अन्य झुग्गियों में अधिकांश जरूरतमंद लोगों को खाने की जरुरत है | हर जगह कवर करना काफी मुश्किल है .. लेकिन … “

अभिनेता ने राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन के कारण आपूर्ति के लिये परिवहन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा ” अब घर के बाहर कदम रखना एक समस्या है , एक कार्गो में 50-6- बैग आ सकते हैं इसलिए 3000 पेकेट के लिये काफी वाहन लगेंगे , वाहन समस्या नहीं है,उनका मूवमेंट परेशानी है | “

समस्या सिर्फ परिवहन में ही नहीं बल्कि भोजन वितरण के दौरान भी है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से भूख से मर रहे झुग्गी-झोपड़ी के लोग भोजन वितरण के दौरान अनियंत्रित और अधीर हो रहे हैं। इससे अक्सर भगदड़ जैसी स्थिति बन जाती है।

“अधिकारी कह रहे हैं कि जब पैकेज आता है, लोग, विशेष रूप से उन मलिन बस्तियों में जिनके लिए सामग्री विशेष रूप से पैक की जाती है, 3-4 दिनों से भूखे होते हैं और वे अपना पैकेज लेने के लिए दौड़ते हैं, जो लगभग भगदड़ का एक कारण बनता है। “

इस बीच, बिग बी ने आपूर्ति योद्धाओं के लिए कृतज्ञता के शब्दों को व्यक्त करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया, जो संकट की इस घड़ी में राष्ट्र की सेवा करने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

वर्क फ्रंट पर, Amitabh Bachchan अगली बार शूजीत सरकार की ‘गुलाबो सीताबो’, रूमी जाफरी की ‘चेहरे’ नागराज मंजुले की ‘झुंड’ और अयान मुखर्जी की ‘ब्रह्मास्त्र’ में दिखाई देंगे।