Arjun Patiala Movie Review: कृति-दिलजीत – वरुण की इस फिल्म मज़ेदार तो नहीं है !

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मुंबई।  कृति सनोन ने अब तक कई रोमांटिक फिल्मों में अपने ग्लैमर का जलवा बिखेरा है लेकिन अब वो दिलजीत दोसांझ और वरुण शर्मा के साथ तगड़ी कॉमेडी करते नज़र आएँगी।  उनकी फिल्म अर्जुन पटियाला आज शुक्रवार को रिलीज़ हो गई है।     

अर्जुन पटियाला की कहानी  ऐसी है कि पंजाब के फिरोजपुर में इंस्पेक्टर अर्जुन पटियाला ( दिलजीत दोसांझ ) की पोस्टिंग होती है। अपने सीनियर अफसर आईपीएस गिल ( रोनित रॉय ) के आदेश पर वह फिरोजपुर जिले को क्राइम फ्री बनाना चाहता है।  अर्जुन के साथ एक कॉन्स्टेबल हैं ओनिडा सिंह ( वरुण शर्मा ) जो उसके हर काम के भागीदार हैं। अर्जुन को टीवी चैनल की एक रिपोर्टर रितु रंधावा ( कृति सेनन ) से पहली ही नजर में प्यार हो जाता है।

अर्जुन जिले को क्राइम फ्री बनाने के लिए रितु से पहले जिले भर के बदमाशों और गुंडों की जानकारी लेता है और फिर उन्हें आपस में ही भिड़ा कर उनका खात्मा करता है। कहानी में एक महिला एमएलए प्राप्ति मक्कड़ ( सीमा पाहवा ) भी हैं, जो जिले के सभी गुंडों का सफाया करके खुद टॉप डॉन बनना चाहती हैं। क्या वह एमएलए अपने इस सपने को पूरा कर पाते हैं, क्या अर्जुन को रितु का प्यार मिलता है, इसी ड्रामे के साथ कहानी का अंत होता है।    


कहानी बेहद कमजोर है, बहुत ही फनी और बचकाने उतार-चढ़ाव के साथ आगे बढ़ती है। निर्देशक रोहित जुगराज ने ‘अर्जुन पटियाला’ को स्पूफ जॉनर के नाम पर भुनाने की कोशिश की है, फिल्म के किरदार कभी ऑडियंस से डायरेक्ट बात करने लगते हैं, तो कभी स्क्रीन पर फिल्म को समझने या फनी दिखाने के लिए कुछ भी लिखा आने लगता है। यह फिल्म मजेदार लगने के बजाय उबाऊ लगती है।

बेहद कमजोर कहानी होने के कारण फिल्म दर्शकों को बांधे रखने में फेल हो जाती है। आप आराम से अपने मोबाइल के मेसेज चेक कर सकते हैं, कोई अर्जेन्ट कॉल अटेंड करने के लिए थिअटर के बाहर जा सकते हैं और वाशरूम जाने के लिए आपको इंटरवल का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। फिल्म में हंसाने के लिए जो स्पूफ वाले डायलॉग रखे गए हैं, वह इतने घिसे-पिटे हैं कि आप अपना सिर नोच लेंगे।  

फिल्म का संगीत ठीक-ठाक है। कोई भी गाना आप अपने साथ थिअटर के बाहर तक भी लाने में कामयाब नहीं होते हैं। दिलजीत दोसांझ, कृति सेनन, वरुण शर्मा ने कॉमिडी में रंग जमाया है और सीमा पहवा ने मां के रोल से बाहर निकल कर एक पॉलिटिकल नेता और विलन की भूमिका को बखूबी निभाया है।

पंकज त्रिपाठी जैसे बेहतरीन कलाकार का सही इस्तेमाल नहीं किया गया। सकूल के रोल में मोहम्मद जीशान अयूब का काम ठीक है, शुरू में अयूब का किरदार पंजाबी लहजे में बात करता है और बाद में पूरी तरह हिंदी बोलने लगता है, इससे किरदार में ब्रेक साफ दिखाई देता है।फिल्म रिव्यू – अर्जुन पटियाला कलाकार – दिलजीत दोसांझ, वरुण शर्मा, कृति सेनन, सीमा पहवा और रोनित रॉयसमय – 1 घंटा 47 मिनट