Article 15 Movie Review: सामाजिक बुराई पर प्रहार

सामाजिक बुराइयों पर सिनेमा के माध्यम से हमेशा प्रहार किया गया है। कई फिल्में बनी हैं जो समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव, कुरीतियों और समाज को कमजोर करने वाली धारणाओं को प्रमुखता से बड़े पर्दे पर दर्शा का जागरूकता लाने की कोशिश की है। लेकिन समय बदला और सिनेमा में भी बदलाव आया। अब सिनेमा इन मुद्दों पर फिल्म तो बना रही है लेकिन साथ में कमर्शियल फैक्टर भी आ गया है। इसका उदाहरण अनुभव सिंह की फिल्म आर्टिकल 15 है। फिल्म के जरिये अनुभव बात बुराइयों की ही कर रहे हैं, उस पर प्रहार भी कर रहे हैं मगर उनका अंदाज कमर्शियल है। लेकिन उनका यह अंदाज उनको ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुँचा सकता है।

संविधान के ‘आर्टिकल 15’ में साफ लिखा गया है कि राज्य, किसी नागरिक के विरुद्ध केवल धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थान या इनमें से किसी के आधार पर कोई भेद नहीं करेगा, लेकिन यह बिडम्बना है कि भेदभाव आज भी समाज में है। इसी पर पूरी फिल्म आधारित है।

विदेश में पढ़ा लिखा लड़का अयान रंजन (आयुष्मान खुराना) अपने पिता के कहने पर आईपीएस ऑफिसर बनता है। उसकी पहली पोस्टिंग उत्तर प्रदेश के एक छोटे से जिले में होती है जहां पर जातिगत भेदभाव चरम पर है। इस स्तिथि में आयन के सामने एक संगीन आपराधिक केस सामने आता है। इस केस को लेकर समाज की अलग-अलग लोग अपनी अलग-अलग राय रखते हैं। लेकिन अब अधिकारी के सामने कई चुनौती खड़ी हो जाती हैं। अधिकारी के सामने उसका फर्ज़ है कि उसे वह ईमानदारी से निभाये। लेकिन सावल उठता है कि क्या समाज के लोग उसे ऐसा करने में सहयोग करेंगे? क्या अधिकारी आने फर्ज को निभाने के लिए लड़ाई करेगा और पीड़ित को न्याय दिलाएगा?

इसमे कोई शक नहीं कि विषय संवेदनशील है और बतौर लेखक और निर्देशक अनुभव सिन्हा ने चुनौती को स्वीकारा है।

निर्देशन की बात करें तो अनुभव सिंह पहले ही सफल इसलिए नज़र आते हैं क्योंकि उन्होंने संवेदनशील विषय को प्रमुखता के साथ उठाया। फिल्मांकन भी अच्छे से किया गया है जो हर दर्शक के लिए विषय को समझने में सरलता लाता है।

आयुष्यमान खुराना लग रहा है कि सफल फिल्मों की हैट्रिक लगा सकते है। उनकी वैसे तो ज्यादातर फिल्में सफल रही हैं लेकिन पिछली दो फिल्मों को पसंद किया गया। अब आर्टिकल 15 भी उनके कैरियर की सफल फिल्म साबित होती दिख रही है। उनका अभिनय हमेशा की तरह शानदार है। फिल्म में ईशा तलवार, मनोज पाहवा, कुमुद मिश्रा, मोहम्मद जीशान अयूब ने भी अपने-अपने किरदार को बखूबी निभाया। आयुष्मान खुराना की इस फिल्म को एक बार जरूर देखा जा सकता है।

कलाकार- आयुष्मान खुराना, ईशा तलवार, मनोज पाहवा, कुमुद मिश्रा, मोहम्मद जीशान अयूब

निर्देशक- अनुभव सिन्हा

स्टार्स – 5 में से 4 (चार) स्टार