आयुष्मान खुराना के हिट होने के पीछे ये है राज़ !

ayushmann khurrana

मुंबई।  आयुष्मान खुराना ने लगातार लीक से हटकर स्क्रिप्ट का चयन किया, जो बेहद सफल रही हैं और अब वे बॉलीवुड में सर्वश्रेष्ठ कंटेंट वाली सिनेमा का चेहरा बनकर उभरे हैं। न केवल उन्होंने बैक टू बैक 5 हिट फ़िल्में दी हैं, उन्होंने उन उल्लेखनीय फ़िल्मों को भी चुना है, जिन्होंने अपनी बेहतरीन विषय वस्तु के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा को भी बढ़ावा दिया है। अविश्वसनीय कहानियों के चयन का माद्दा ही आयुष्मान खुराना की सफलता का राज़ है। 


आयुष्मान की चार फिल्मों ने राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए हैं! विक्की डोनर, दम लगा के हईशा, अंधाधुन और बधाई हो।  सभी ने शीर्ष सम्मान दिलाया और आयुष्मान ने अंधाधुन में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता।

आयुष्मान कहते हैं, “मैं अच्छी कहानियों की तलाश में रहता हूं। कहानियां जो हमें आगे ले जाती हैं, हमारा मनोरंजन करती हैं और  बातचीत को शुरू करतीं हैं। मुझे ऐसी कहानियां पसंद हैं, जिनसे लोग खुद का जुड़ाव महसूस कर सकें, जो प्रेरणादायक हों और हमें विचारशील बनाती हों। मैंने सक्रिय रूप से इस तरह की अद्भुत स्क्रिप्ट की तलाश की है और अपने कॅरियर में अब तक इन शानदार रत्नों में से कुछ को पाने को लेकर मैं काफी भाग्यशाली रहा हूं।

आयुष्मान कहते हैं कि उनकी 4 फिल्मों ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं और उन्होंने खुद सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है और इसके लिए वे खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं।


आयुष्मान का कहना है कि वह निरंतर अनूठी पटकथा की तलाश कर रहे हैं। “राष्ट्रीय पुरस्कार, बेहतरीन स्क्रिप्ट की मेरी समझ के लिए एक बहुत बड़ा सत्यापन है, क्योंकि मैं केवल उन फिल्मों का चयन करता हूं जिन्हें मैं खुद सिनेमाघरों में देखना पसंद करूंगा। आयुष्मान कहते हैं, मैं उन कहानियों की तलाश करता हूं जो अद्वितीय हैं और अनिवार्य और अविश्वसनीय रूप से आम आदमी के बारे में हैं। एक अभिनेता के रूप में, मैं सही पटकथा चुनने में गहराई से विचार करता हूं, क्योंकि आज कहानी और फिल्मों की पसंद ही, मायने रखती है। वे कहते हैं, मुझे लगता है कि मैं जीवन में आज एक ऐसे मुकाम पर हूं, जहां मैं बेहतरीन प्रोजेक्ट कर सकता हूं, क्योंकि दर्शकों को मुझसे अच्छे फिल्मों की उम्मीद है। मैं उन्हें और खुद को किसी भी तरह से कमतर नहीं दे सकता।

आयुष्मान की अगली चार फिल्में भी निश्चित रूप से राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता लगती हैं। उनकी मजबूत लाइन-अप में आउट एंड आउट एंटरटेनर ड्रीम गर्ल शामिल है, जिसमें उन्हें एक ऐसे व्यक्ति की तरह दिखाया गया है, जिसमें महिला की आवाज में बात करने की विशेष क्षमता है। दूसरी फिल्म बाला, पुरुषों में समय से पहले गंजेपन से संबंधित है तो गुलाबो सीताबो में वे अमिताभ बच्चन के साथ स्क्रीन साझा करते हुए नजर आएंगे। इनके अलावा आनंद राय के शुभ मंगल सावधान 2 में वे भारत में समलैंगिक संबंधों के संवेदनशील मुद्दे पर मुखर दिखाई देंगे।