भूमि पेडनेकर बनीं ‘क्लाइमेट वॉरियर ‘

bhumi pednekar

मुंबई।  भूमि पेडनेकर अपनी फिल्मों के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण की दिशा में की गई अपनी पहल क्लाइमेट वॉरियर के जरिए लोगों में एक सकारात्मक सामाजिक संदेश देने की कोशिश कर रही हैं। सामाजिक रूप से जागरूक इस अभिनेत्री का मानना है कि हर व्यक्ति में बदलाव लाने की शक्ति है।

भूमि कहतीं हैं, मेरा मानना है कि हम सभी के पास अपने अनूठे तरीकों से दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने की शक्ति है। मैं अपनी सिनेमा के साथ ही जिस तरह का जीवन व्यतीत करती हूं, उसके माध्यम से ऐसा करने की कोशिश करती हूं।


वे कहतीं हैं, मैंने ज्यादातर सार्थक और संदेशप्रद सिनेमा की ओर रुख किया है। दम लगा के हइशा (शारीरिक संरचना) से लेकर टॉयलेट : एक प्रेम कथा (महिलाओं की स्वच्छता) के साथ सांड की आंख (महिला सशक्तिकरण) आदि, फिल्मों से मैं गहराई से जुड़ी हूं। मैं चाहूंगी कि मेरी फिल्में समाज को एक सकारात्मक संदेश दें और शुक्र है कि मेरी फिल्मों ने अपने तरीके से प्रभावी प्रदर्शन किया।


भूमि कहती हैं कि, बात जब जीवन के जागृत तरीके की हो, तो वे इसके साथ आगे बढ़ना चाहती हैं। वे कहती हैं, मैं आंतरिक रुप से समाज और दुनिया के साथी नागरिकों की परवाह करती हूं और मैं भी चाहती हूं कि मेरी कार्यशैली का प्रभाव लोगों पर पड़े। यही कारण है कि मैंने क्लाइमेट वॉरियर की शुरुआत की। यह एक ऐसा मंच है जिसके जरिए मैं लोगों को बताना चाहती हूं कि हमें प्रकृति की देखभाल करनी है, हमें इसका ध्यान रखना है, क्योंकि हमारा भविष्य, हमारा अस्तित्व इस पर निर्भर करता है।


चूंकि यह समय की जरूरत है, इसलिए एक्ट्रेस ने जलवायु संरक्षण के प्रति कड़ी मेहनत करने का संकल्प लिया है। वे कहतीं हैं, जलवायु परिवर्तन और जलवायु व्यवस्था एक ऐसी चीज है जिसकी मैं आंतरिक तौर पर परवाह करती हूं और मैं वास्तव में काम करना चाहती हूं, मैं कहना चाहती हूं, वास्तव में हर संभव तरीके से प्रकृति संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाना कठिन है।
वे आगे कहतीं हैं, अब यह हमारे काम करने का समय है और इस विचार के प्रसार के लिए मैं अधिक से अधिक लोगों के साथ जुड़ना चाहती हूं। हमने पहले ही काफी समय गंवा दिया है और यदि हम अब भी पहल नहीं करते हैं, तो हम सभी खो जाएंगे। ऐसा करना दुनिया और अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारा एहसान होगा ऐसे में हमें अपनी खूबसूरत और विशाल धरा का ख्याल रखना होगा और इसे संरक्षित करना होगा।