न्यूयॉर्क में अपने डिप्रेशन के बारे में खुलकर बोली दीपिका पादुकोण

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मुंबई।  दीपिका पादुकोण एक ऐसी अभिनेत्री है जो लाइमलाइट में रहने के बावजूद, कभी भी अपनी “क्लिनिकल डिप्रेशन” और एंजाइटी के बारे में बात करने से पीछे नहीं हटी है और सभी के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरी है। हाल ही में उन्होंने न्यूयॉर्क के एक इवेंट में  क्लिनिकल डिप्रेशन के बारे में  बात की ।

अभिनेत्री ने अपने  एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा,”रीसर्च और आउटरीच कार्यक्रमों के अलावा, द यूथ एंजाइटी केंद्र ने छह वर्षों में 75,000 से अधिक ट्रीटमेंट सेशन आयोजित किए हैं…यह कुछ ऐसा है जिस पर गर्व होने की आवश्यकता है।

इस शाम में अपने अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के लिए और मुझे अपनी कहानी साझा करने की अनुमति देने के लिए #AnnaWintour का शुक्रिया! मैं आप सभी को शुभकामनाएं देती हूं और भविष्य की पहल के लिए केंद्र को अपना समर्थन देने के लिए तत्पर हूं। जैसे कि एक अफ्रीकी कहावत है, “यदि आप जल्दी जाना चाहते हैं तो अकेले जाएं, यदि आप दूर जाना चाहते हैं, तो एक साथ जाएं ।”

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दीपिका ने कहा कि “दुनिया में 300 मिलियन लोग एंजाइटी और डिप्रेशन से पीड़ित हैं। जहां तक मुझे लगता है कि डिप्रेशन और एंजाइटी किसी भी प्रोफ़ेशन से, किसी भी जेंडर से, दुनिया के किसी भी हिस्से से, किसी पर भी हावी हो सकता है। मेरे लिए सबसे मुश्किल हिस्सा वह महीने थे जब मुझे नहीं पता था कि क्या हो रहा है।

जिस दिन मुझे समझ गया था और उसका एक नाम था और इसे क्लिनिकल डिप्रेशन कहा जाता था, मैं पहले से ही बहुत बेहतर महसूस करने लगी थी। यदि ऐसी कोई चीज है जो मैंने रिकवरी के सफर में सीखी है, तो आपको धैर्य रखने की जरूरत है और उम्मीद पर दुनिया क़ायम है। सुपरमैन ने एक बार कहा था, “एक बार जब आप उम्मीद चुनते हैं, तो कुछ भी संभव है।”

दीपिका  हाल ही में मेघना गुलज़ार की फिल्म छपाक की शूटिंग पूरी की है। ये फिल्म एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की कहानी पर आधारित है।