‘शैतान बेटी’ रही हैं ईशा गुप्ता, ऐसे ऐसे काम करती थीं

esha gupta

मुंबई।  ईशा गुप्ता बेहद बोल्ड और बिंदास हैं और ऐसा फिल्मों में आने के बाद नहीं पहले से ही हुआ है जब बचपन में न सिर्फ वो लड़कों से पिट जाती थीं बल्कि उन्हें पीट कर भी आती थीं, जिसकी वजह से उनके पता को स्कूल में पेश होना पड़ता था।  
ईशा इन दिनों अपनी  फिल्म ‘वन डे जस्टिस डिलीवर्ड’ के प्रमोशन में जुटी हैं।

ईशा स्कूल और कॉलेज में बॉलीबॉल खेलती थीं।  वह  पीटती भी थीं और लड़कों से पिटकर भी आती थीं। ईशा की पर्सनैलिती स्कूल के समय से ही बड़ी मजबूत है। स्कूल में लड़कों की पिटाई करने पर वह कई बार सस्पेंड होते-होते बची हैं । उनके  पिता बचा लिया करते थे। वो कहती हैं कि मेरे पिता बेहद सीधे-साढ़े, पढ़े-लिखे, समझदार एयरफोर्स के अफसर और मैं उनकी शैतान बेटी।’

 टीचर खुद पापा से कहते कि गुप्ताजी विश्वास नहीं होता यह आपकी बेटी है। तब पापा ईशा से कहते थे कि बेटा मैंने आपको लड़कों कि तरह पाला है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप स्कूल में मारपीट करो ।’

ईशा बताती हैं कि एक बार दिल्ली में खेल के दौरान लड़के मस्ती की वजह से मेरा बॉल नहीं दे रहे थे, तब मैंने एक लड़के की नाक तोड़ दिया। इस झगड़े में उसने भी मेरी पिटाई की ।’ इन हरकतों की वजह से मुझे बहुत देर बाद, यह एहसास हुआ कि लड़के मुझे नोटिस भी करते हैं। मैं लड़कों को अच्छी भी लगती हूं। 

फिल्म ‘वन डे जस्टिस डिलीवर्ड’ में ईशा गुप्ता के अलावा अभिनेता अनुपम खेर, कुमुद मिश्रा, राजेश शर्मा, अनंत महादेवन और मुरली शर्मा भी हैं। फिल्म का निर्देशन अशोक नंदा ने किया है। यह फिल्म क्राइम ब्रांच के विशेष अधिकारी की कहानी है, जो एक राज्य की राजधानी में एक के बाद एक गायब हो रहे हाई प्रोफाइल व्यक्तियों के मामलों की जांच करता है।