राजेश खन्ना ने 10 हज़ार लड़कों को हराकर इनाम में जीती थीं पहली 2 फिल्में, पढ़ें दिलचस्प बातें

rajesh khanna

श्रेया दुबे, मुंबई। राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) को भारत के पहले सुपरस्टार के तौर पर जाना जाता है। उनके फिल्मी करियर में 74 गोल्डन जुबली हिट्स शामिल हैं।

अपने शानदार एक्टिंग और सबसे अलग अंदाज़ के लिए पहचाने जाने वाले राजेश खन्ना का जन्म, 1942 में पंजाब के अमृतसर शहर में हुआ था। राजेश खन्ना का फिल्मी सफर साल 1965 में शुरू हुआ था। उन्होंने राज़ नाम की फ़िल्म की शूटिंग शुरू की तो ये सफर काफी लंबा चला। तबसे लेकर उन्होंने 180 फिल्मों में काम किया। इनमें 163 फीचर फिल्में शामिल थीं और 17 शार्ट फिल्म्स। साल 2011 तक राजेश खन्ना के पास सोलो हीरो के तौर पर सबसे ज्यादा फिल्में करने का रिकॉर्ड था। उनकी 163 फिल्मों में, 106 फिल्में सोलो थी और सिर्फ 22 फिल्मों मल्टी स्टारर थी और 29 फिल्मों में उन्होंने विशेष भूमिका निभाई थी। (हालांकि केवल 97 सोलो और 20 दो हीरो वाली फिल्में ही रिलीज हुईं थी। 1966 से 2013 तक 11 फिल्में रिलीज़ नही हुई थी)।

शायद आपको पता ना हो लेकिन साल 1965 में उन्होंने 10000 उम्मीदवारों को हराकर संयुक्त निर्माता अखिल भारतीय प्रतियोगिता जीती और पुरस्कार के तौर पर उन्हें आख़िरी ख़त और राज़ जैसी फिल्मों में अभिनय करने का मौका मिला।

बड़े पर्दे पर आते ही उन्होंने एक के बाद एक लगातार हिट फिल्में दी जिनमें आखिरी ख़त, राज और औरत शामिल थीं। इसी कर साथ उन्होंने एक अभिनेता के तौर पर सफलता का स्वाद चखा।

लेकिन उन्हें अपने सुपर स्टारडम का पता तो तब चला जब उनके फैन्स की नाराज़गी ने डायरेक्टर को इस बात पर मज़बूर कर दिया कि वो राजेश की फ़िल्म ‘बहारों के सपने’ की एंडिंग को हैपी एंडिंग में बदल दें। हालांकि ‘बहारों के सपने’ ने बॉक्स आफिस पर कई जगह औसत कमाई की लेकिन अधिकांश स्थानों पर इसे फ्लॉप घोषित किया गया।

इसके बाद साल 1969 में राजेश खन्ना ने फ़िल्म ‘आराधना’ (1969) के साथ एक बार फिर से सुपर-स्टारडम को हासिल किया। देखते ही देखते वो देशभर में मशहूर हो गए। भारत भर के आलोचकों ने उन्हें भारतीय सिनेमा का नंबर 1 अभिनेता कहा और हिंदी फ़िल्मों का पहला सुपरस्टार बताना शुरू कर दिया।

7 साल (1969-1976) तक सुपरस्टार के रूप में उन्होंने बॉलीवुड पर राज़ किया।

1977-1991 तक उन्हें अमिताभ बच्चन के साथ इस टाइटल को साझा करना पड़ा। इसके बाद 1991 में राजनीति में शामिल होने के लिए उन्होंने फिल्में छोड़ दीं।

लोकप्रियता के मामले में उन्होंने अपने सीनियर एक्टर्स, देव-दिलीप-राज, शम्मी कपूर, राजेंद्र को पीछे छोड़ दिया।

राजेश खन्ना ने 1966-75 के बीच 47 फिल्मों में काम किया जिसमें उन्होंने अलग -अलग किरदार निभाये। 9 साल में उन्होंने सिर्फ 7 फ्लॉप फिल्में दी। उन्होंने 1969-71 तक, 3 वर्षों में 17 लगातार सुपर-हिट होने का विश्व रिकॉर्ड बनाया, जिसमें 15 लगातार सोलो सुपर-हिट फिल्में और 2 फिल्में दो हीरो वाली फिल्में थी। ये दोनों फिल्में अंदाज़ और मर्यादा थीं।

1969-71 में उनकी लगातार 15 हिट सोलो लीड हीरो वाली फिल्में थी; आराधना, डोली, बंधन, इत्तेफ़ाक़, दो रास्ते, ख़ामोशी, सफर, द ट्रेन, कटी पतंग, सच्चा झूठा, आन मिलो सजना, मेहबूब की मेहंदी, दुश्मन, आनंद और हाथी मेरे साथी।

आपको राजेश खन्ना की कौनसी फिल्म पसंद है? कमेंट्स के ज़रिये बताइये।