The Lion King की हिंदी डबिंग के बाद शाहरुख़ खान को याद आई माँ-बाप की ये सीख

shah rukh khan

मुंबई।  तीन साल पहले  ‘द जंगल बुक’ के साथ लोगों के दिलों को जीतने के बाद, डिज्नी एक बार फिर से अपनी प्रसिद्ध फ्रेंचाइजी  ‘द लायन किंग’ ले कर आ रहा है है। हिन्दी में इस फिल्म की भव्यता को जीवंत करने के लिए बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख़  खान ने अपने बेटे आर्यन खान के साथ आवाज़ दी है । शाहरुख़ ने मुफासा और आर्यन ने सिम्बा नाम के किरदार के लिए आवाज़ दी है।  

शाहरुख खान ने व्यक्तिगत रूप द लायन किंग के महत्व और इससे मिली जीवन की सीख के बारे में अपने विचारों को साझा किया। उन्होंने कहा कि “फिल्म की कहानी में स्वाभाविक रूप से काफी नैतिकता है।

किंग खान कहते हैं कि व्यक्तिगत रूप से वे किसी फिल्म में नैतिकता की तलाश नहीं करते और शुद्ध मनोरंजन के तौर पर इसका आनंद लेते हैं। ऐसे में जब बात द लायन किंग की हो तो यह बात स्वीकार करने में तनिक भी झिझक नहीं होती, कि यह स्वाभाविक रूप से मनोरंजक है, क्योंकि यह रिश्तों के बारे में बात करता है। कई बार, बढ़ते बच्चों को यह यह महसूस नहीं होता है कि उनके माता-पिता जो कहते हैं, वह वास्तव में बाद में उनके काम आ सकता है।

वे इस बात को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हैं कि बच्चे उस वक्त अपने माता-पिता द्वारा दी गई सीख को याद करते हैं, जब वे उनके जीवन में नहीं होते हैं। ऐसे में कहीं न कहीं, फिल्म की कहानी यह दर्शाती है कि, अपने माता-पिता की बातों को सुनना और वे आपको क्या कह रहे हैं, उसके अर्थ को गहराई से समझना आपके लिए अच्छा है। यह आपको सिखाता है कि, हमारे माता-पिता हमेशा हमारे भीतर रहते हैं और उनकी दी गई सीख कभी बेकार नहीं होती है।

किंग खान ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि उनके माता-पिता ने जिन छोटी-छोटी बातों के बारे में कहा था, उसे वे व्यक्तिगत रूप से अब महसूस करते हैं, जिसका एहसास उन्हें उस वक्त नहीं हुआ।

‘आयरन मैन ’और ‘द जंगल बुक ’ के प्रसिद्ध निर्देशक, जॉन फेवरू द्वारा निर्देशित डिज्नी की द लॉयन किंग हाल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में फोटो-रीयल एनिमेशन तकनीक और अत्याधुनिक उपकरणों के उपयोग के जरिए इस म्यूजिकल ड्रामा को बड़े पर्दे पर जीवंत किया जाएगा ।  द लायन किंग 19 जुलाई 2019 को अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगु में रिलीज होगी।