Shakuntala Devi Movie Review- मज़ा आयेगा, विद्या कसम

Shakuntala Devi Movie Review

(रेटिंग 4 स्टार्स)विद्या बालन जब भी कोई फिल्म लेकर आती है तो जाहिर तौर पर दर्शक यह मान लेते हैं इसमें जरूर कुछ ना कुछ ऐसा होगा जो वाकई अलग होगा और इस बार भी बिल्कुल वैसा ही हुआ मैथमेटिक्स जीनीयस शकुंतला देवी के जीवन पर आधारित (Shakuntala Devi )शकुंतला देवी के प्रोमो और टीजर जब आए थे तब लग रहा था गणित पर आधारित यह शायद एक बोझिल फिल्म हो सकती है मगर फिल्म बिल्कुल अलग निकली|

निर्देशक अनु मेनन ने जिस तरह से फिल्म का स्क्रीनप्ले डिजाइन किया है वो वाकई तारीफ ए काबिल है फिल्म का पेस और रिदम शुरू से आखिर तक बरकरार रखा गया है फिल्म की कहानी को इस तरह से बनाया गया की गणित और शकुंतला देवी (Shakuntala Devi )की नाटकीय जिंदगी दोनों का तालमेल कहीं भी दर्शकों को क्यों उबाऊ न लगे।
छोटे से गांव में जन्मी शकुंतला देवी(Shakuntala Devi ) ना कभी स्कूल गई ना ही किसी तरह की शिक्षा ग्रहण की मगर ईश्वर ने उन्हें गणित की अद्भुत वरदान दिया| गरीब पिता ने उसके गणित के शो लगा लगा कर अपना जीवन यापन करने का जरिया बनाया और छोटी सी शकुंतला जो स्कूल जाना चाहती है अंदर अपने पिता से नफरत करने लगती है।

ऐसे में उसकी बहन शारदा पैसों के अभाव में बिना इलाज के मर जाती है और यहां से शकुंतला (Shakuntala Devi )का गुस्सा और नफरत अपने माता-पिता के लिए बढ़ जाता है और वह घर छोड़ देती है। इसके आगे उसकी जिंदगी में क्या-क्या होता है कैसे वह अपनी जिंदगी में सफलता हासिल करती है इसी पर आधारित है शकुंतला देवी।


अभिनय की बात करें तो विद्या बालन के करियर में एक और शानदार उपलब्धि शकुंतला देवी के रूप में कहीं जा सकती है! एक जवान लड़की से एक जवान लड़की की मां बनने का सफर उन्होंने बहुत ही आसानी से निभाया। एक आत्मनिर्भर महिला जो मां है पत्नी है बेटी है ,इन सबके बावजूद एक प्रोफेशनल महिला है। जिसका अपना वजूद है और उस वजूद से वह बहुत प्यार करती है।

इन सभी रूपों में चलने वाले अंतर्द्वंद, प्यार की तलाश, महत्वकांक्षा को विद्या ने बेहद खूबसूरती के साथ किरदार में उतारा है। कभी आप शकुंतला देवी (Shakuntala Devi )से नफरत करते हैं कभी आप उन्हें समझ पाते हैं और उनसे प्यार कर बैठते हैं।


उनके पति के किरदार में बंगाल के सुपरस्टार जिशु सेनगुप्ता ने भी कमाल का परफॉर्मेंस दिया है। उनकी बेटी बनी सान्या मल्होत्रा एक बेहतरीन अदाकारा है और वह इस किरदार में भी अपने आपको साबित करती है। अमित साध अपने किरदार में जंचते हैं।

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी एडिटिंग दोनों ही फिल्म को एक अलग किरदार देते हैं। फिल्म का आर्ट डायरेक्शन कमाल का है।

कुल मिलाकर यह कहना गलत नहीं होगा शकुंतला देवी(Shakuntala Devi ) ऐसी फिल्म है जिसके माध्यम से हम ह्यूमन कंप्यूटर शकुंतला देवी के बारे में तो जानते ही हैं साथ ही एक अलग दुनिया का एहसास भी महसूस करते हैं।

फिल्म अमेजॉन प्राइम पर ऑनलाइन हो चुकी है आप इसे जरूर देखें यह एक अलग तरह का अनुभव है।