Sholay के 44 साल: ऐसी हैं मज़ेदार यादगार 44 कहानियां

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मुंबई।  भारतीय हिंदी सिनेमा के 106 के इतिहास में आज भी कोई सबसे लोकप्रिय फिल्म है तो वो है शोले।  देश के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 1975 में रिलीज़ हुई इस फिल्म को आज भी लोग दिल से देखते हैं। बच्चे से लेकर बूढ़े तक हर किसी को शोले का एक एक डायलॉग जुबानी याद है। शोले (Sholay ) आज 44 साल की हो गई है।  आइये इस फिल्म की कुछ यादें ताज़ा कर लेते हैं।   

* आपातकाल के दौर से गुजर रहे भारत  की  राजनितिक अस्थिरता  और पडोसी बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की सैन्य तख्तापलट में हुई हत्या के बीच 15 अगस्त 1975 को शोले रिलीज़ हुई थी।  

 * रिलीज के पहले हफ्ते से ही फिल्म बुरी तरह पीटने लगी थी।  सिनेमाघरों से फिल्म उतार ली गई थी। ट्रेड पंडितों ने डिजास्टर तक बता दिया था।  

* दूसरे हफ्ते के बाद से एक चमत्कार हुआ . सिनेमाघरों ने माफ़ी मांग कर फिल्म को फिर  लगाया . फिल्म के फ्लॉप होने से डरे सिप्पी ने अमिताभ बच्चन यानि जय की मौत का सीन फिर से फिल्माने की सोची थी लेकिन थियेटर में लौटे दर्शकों को देख कर इरादा वापस लिया। 

* शोले (Sholay )भारत की ऐसी पहली ब्लॉकबस्टर फिल्म है जिसने 100 से ज्यादा सिनेमाघरों में सिल्वर जुबली करने का रिकार्ड बनाया। 

* शोले 198 मिनट की फिल्म है लेकिन 1990 में होम वीडियो के लिए इसे 204 मिनिट का कर दिया गया।  

 मुंबई के मिनर्वा थियेटर से तो फिल्म पांच साल तक उतरी ही नहीं थी . टिकट ब्लैक के जरिये डेढ़ से दो सौ रूपये तक पहुच गए थे। 
 
* चार रुपये 40 पैसे में अपर स्टाल और पांच रुपये पचास पैसे का बालकनी का टिकट था। 

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*शोले की शूटिंग में ढाई साल का वक्त लगा और इस दौरान फिल्म के दो क्लाइमेक्स शूट कर रख लिए गए थे  लेकिन सेंसर ने उस दौर में किसी को मारे जाने के सीन दिखाए जाने पर आपति की थी इसलिए गब्बर की मौत का हिस्सा हटा लिया गया।  हालाँकि बाद में फिल्म की जारी डीवीडी में उस सीन को भी रखा गया। 
 
* तीन करोड़ की लागत में बनी शोले,  दिलवाले दुल्हनिया ले जायेगे के बाद हिंदी सिनेमा की सबसे ज्यादा समय तक चलने वाली दूसरी फिल्म है।  

* बिना रुके पांच साल तक चलने वाली शोले को भारत से 58 करोड़ और भारत के बाहर से साढ़े 17 करोड़ रूपये की कमाई हुई। 
 
 * सिर्फ चार लाइन की एक स्क्रिप्ट पर एक महीने में पूरा स्क्रीन प्ले लिखने वाले सलीम खान और जावेद अख्तर के सामने जब संजीव कुमार के किरदार का नाम रखने का सवाल उठा तो सलीम खान ने उसे ठाकुर बलदेव सिंह का नाम दिया . सलीम खान के ससुर का नाम भी बलदेव सिंह चरक है। 
 
* रामगढ़ में रहने वाले ठाकुर बलदेव सिंह के जिन दो बेटों को गब्बर सिंह ने मार दिया था उनमे से एक बेटे का रोल अभिनेता शर्मन जोशी के पिता अरविन्द जोशी ने निभाया था .
 
 
 * ठाकुर बलदेव सिंह का रोल निभाने के लिए धर्मेन्द्र ने काफी हाथ पैर मारे थे लेकिन बाद में वो वीरू के रोल के लिए राजी हो गए। 

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* कहते हैं कि शोले की शूटिंग से पहले संजीव कुमार ने हेमा मालिनी को शादी का प्रस्ताव दिया था।   हेमा शोले में संजीव कुमार के साथ जोड़ी नहीं बनाना चाहती थी और धरम जी को तब तक हेमा से इश्क हो गया था
 
* गब्बर के रोल के लिए अमजद को फिल्म से लगभग हटा दिया गया था क्यूंकि जावेद अख्तर को अमजद खान की आवाज काफी पतली लगी थी लेकिन वो बाद में मान गए।  वैसे अमजद खान शायद फिल्म में होते ही नहीं अगर डैनी डेनजोम्पा ने वो रोल ना ठुकराया होता।  डैनी ने फीस के रूप में मिला चेक लौटा दिया था जो आज भी निर्देशक रमेश सिप्पी के पास रखा है।  
* गब्बर के रोल को मजबूत बनाने के लिए अमजद खान ने जया बच्चन के पिता तरुण कुमार भादुड़ी की किताब ‘अभिशप्त चम्बल’ कई बार पढ़ी थी . हिंदी सिनेमा के इस सबसे बड़े विलेन के शोले में छोटे बड़े मिला कर सिर्फ नौ सीन थे। 
 
* ए के हंगल यानि रहीम चाचा के बेटे अहमद का रोल निभाने वाले सचिन पिलगांवकर को मेहनताने के रूप में पैसे नहीं फ्रीज मिली थी . लेकिन जब शोले की गोल्डन जुबली हुई थी फिल्म के सभी कलाकारों को सोने का एक ब्रेसलेट दिया गया था।  
 
* फिल्म में ट्रेन डकैती का सीन मुंबई के पास पनवेल में रेल की पटरियों पर शूट किया गया था जिसमें 20 दिन लग गए।  

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*  शोले में जया को अमिताभ बच्चन से नजरें चार करते और लालटेन जलाने के लिए सिर्फ दो मिनिट का वक्त लगा था लेकिन सीन को शूट करने में बीस दिन लग गए क्यूंकि सूर्य देवता ठीक से अस्त ही नहीं हो रहे थे। 
 
* शोले में जय के रोल के लिए शत्रुघ्न सिन्हा को रखा जाना था लेकिन सलीम खान ने अमिताभ का नाम सुझाया . सलीम जावेद पहले मनमोहन देसाई के पास शोले की कहानी लेकर गए थे लेकिन मन जी तब फिल्म चाचा भतीजा में बीजी थे।  
 
*आर डी बर्मन ने महबूबा महबूबा गाना ऐसे ही गा दिया था क्यूंकि असल में वो गाना मन्ना डे गाने वाले थे लेकिन बाद में मन्ना दा को अपने से ज्यादा बर्मन की आवाज अच्छी लगी . फिल्म में एक कव्वाली भी थी जिसे गीतकार आनंद बक्शी ने भी गाया था लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया।  
 
*पहाड़ी पर बैठ कर पूरे पच्चास हजार का छोटा सा डायलाग बोलने के लिए साम्भा यानि मैक मोहन को 27 बार मुंबई से बेंगलूर जाना पडा था।  
 
* शोले में जय का खोटा सिक्का हर बार उनके लिए काम कर गया और ये सिक्का कही शूटिंग के समय गुम ना हो इसके लिए सिप्पिज ने ऐसे छह सिक्के आर्डर दे कर बनवाये थे। 
 

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* शोले के जन्म के 40 साल के भीतर इस फिल्म ने अपने कई चहेतों को खो दिया . संजीव कुमार शोले के दस साल बाद दुनिया को अलविदा कह गए , 1992  में अमजद खान का निधन हो गया , सत्येन कप्पू का 2007  में और ए के हंगल का तीन साल पहले निधन हो गया . मौसी यानि लीला मिश्रा का शोले रिलीज के 13  साल बाद देहांत हुआ .केस्टो मुखर्जी 1985 में , इफ्तेखार 1995  में , मैक मोहन 2012  में और जलाल आगा का 1995 में हमसे दूर चले गए. 

* अगर आप सोच रहे हैं कि ढाई साल में बनी शोले की शूटिंग से सिर्फ दो बच्चन यानि अमिताभ और जया ने काम किया था तो आप गलत है क्यूंकि शूटिंग के दौरान जया चार महीने गर्भवती थी बात में उनको बेटी पैदा हुई जिसका नाम श्वेता रखा गया . फिल्म की रिलीज से ठीक पहले भी जया को सेकेण्ड चाइल्ड एक्स्पेक्ट था और अभिषेक पैदा हुए। 

* शोले में बसंती की धन्नो घोड़ी ने खूब कमाल किया था लेकिन धन्नो को सरपट भगाने वाली हेमा मालिनी नहीं बल्कि रेशमा नाम की एक स्टंट वूमेन थी जिसे इस काम के लिए 175 रूपये मिले थे। रेशमा पठान को धर्मेंद्र में उनके काम से खुश हो कर 100 रुपए का ईनाम दिया था।  धन्नो भी कुछ समय पहले चल बसी। 

* शोले ने उस जमाने में भी जबरदस्त मार्केटिंग का सहारा लिया था . ग्लूकोज बिस्किट से लेकर ग्राईप वाटर तक सब कुछ बेच कर सफलता हासिल की। 

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* सूरमा भोपाली का नाम जावेद अख्तर ने अपने भोपाल के मकान के बगल में रहने वाले शख्स को देख कर रखा  था जबकि जय और वीरू नाम के दो लड़के सलीम खान के साथ स्कूल में पढ़ते थे

* शोले का म्यूजिक एक कंपनी को पांच लाख रूपये की कीमत पर एड्वास में भी बेच दिया गया था . पांच गानों के पांच लाख लिए गए थे और उस जमाने में म्यूजिक राइट्स का ये सबसे महंगा सौदा था। 

* शोले के बहाने हिंदी सिनेमा ने 40 बरस का एक अलग दौर भी देख लिया है . कुछ फ़िल्मी पंडितों ने तो भारतीय सिनेमा को बिफोर शोले और आफ्टर शोले जैसे दो हिस्सों में बाँट दिया है। 

* साल 2014 में शोले को 3डी में रिलीज़ किया गया।  इसे नया कलेवर देने में 25 करोड़ खर्च हुए लेकिन 1000 स्क्रीन्स में रिलीज़ हुई शोले 3डी को 10 करोड़ की कमाई हुई।