तुलसी कुमार ने मलंग के हिट ट्रैक ‘फिर ना मिलें कभी’ के रिप्राइज़्ड वर्जन को दी अपनी आवाज़

tulsi kumar

मुंबई। तुलसी कुमार के लिए साल 2019 शानदार रहा, पिछले साल उन्होंने ब्लॉकबस्टर हिट्स दिए जिनमें ‘ओ साकी साकी’ और ‘तेरा बन जाउंगा’ से लेकर ‘अँखियों से गोली मारे’, ‘एन्नी सोनी जैसे गानें शामिल थे| तुलसी ने अपने गानों से टॉप चार्ट में अपनी जगह बनायी है| अब वो ‘मलंग’ के गानें ‘फिर ना मिलें कभी’ के रिप्राइज़्ड वर्जन को अपनी आवाज़ दें रही हैं|

दिशा पाटनी और आदित्य रॉय कपूर स्टारर ‘मलंग’ 2020 की सबसे बड़ी सरप्राइज़ हिट रही। हालाँकि न सिर्फ फिल्म का प्लॉट और एक्टर्स का दमदार प्रदर्शन, बल्कि ‘मलंग’ के गानों ने भी युवाओं को सिनेमाघरों तक पहुंचाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। एक्शन थ्रिलर के सबसे लोकप्रिय गानों में से एक गाना ‘फिर न मिलें कभी’ है|

तुलसी ने साझा किया, “ऐसे ही मैंने ये गाना सुना मैंने अंकित तिवारी को कॉल किया और इस गाने के राग की गहराई की सराहना की| मैं इस गानें को सुनते ही इससे जुड़ गयी और इसका एक अलग वर्जन करना चाहती थी, हालांकि गानें के बोल और राग एक ही हैं। मैंने इस गानें को दोबारा जिस तरह से गाया है वो ऑरिजनल गानें से बहुत अलग है| इस गानें को करने की ये मुख्य बात यही थी|

भरत गोयल, जो संगीत निर्माता हैं उनके साथ मिलकर हमनें इस गानें को रिलीज़ करने की बारीकियों का ध्यान रखा है| मैं इस गानें में एक इंटेंसिटी और इमोशन लाना चाहती थी जिससे लोग खुद को जोड़ सकें| हर कोई अपने जीवन में ब्रेकअप से गुजरा है और आगे बढ़ा है। मैंने गीत को रिकॉर्ड करते समय अपने दिमाग में उन क्षणों को फिर से जीवित किया। “

पिछले शोध और अध्ययनों ने ये बात साबित की है कि संगीत में उपचार और चिकित्सीय गुणवत्ता है। यह एक ऐसा समय है जब हम सभी को सामाजिक दूरी का अभ्यास करने की सलाह दी गई है। मनुष्य के एक सामाजिक प्राणी होने के नाते, अलगाव का अभ्यास करना किसी के लिए भी कठिन हो सकता है। ऐसे में भूषण कुमार और टी-सीरीज़ ने दुनिया भर में कोरोनोवायरस के प्रकोप के बीच इस समय इस गाने के नए संस्करण को रिलीज़ करने का फैसला किया|

तुलसी बताती हैं, “एक कलाकार के तौर पर हमारा कर्तव्य है कि हम अपने संगीत के माध्यम से श्रोताओं को राहत प्रदान करें। कोविड -19 की इस गंभीर, राष्ट्रव्यापी स्थिति में, संगीत लोगों को शांत करने की शक्ति रखता है। इस तरह मेरे दिमाग में ‘फिर ना मिलें कभी’ के इस वर्जन को करने का विचार आया।

हम सभी अपने घरों में अलग-थलग हैं और करने के लिए बहुत कुछ नहीं है। संगीत है तो हम बैठ सकते हैं और आराम कर सकते हैं। मुझे ‘फ़िर ना मिलें कभी’ के इस वर्जन पर काम करना बहुत अच्छा लगा| उम्मीद है कि श्रोता भी इसे पसंद करेंगे। यह एक बहुत ही सरल और बेसिक गाना है जोकि मुझे लगता है सभी से जुड़ जायेगा|”