Gangubai Kathiawadi:जानिए कौन थी ये माफिया क्वीन जो कोठे पर 500 में बिकी

gangubai kathiawadi

मुंबई।  संजय लीला भंसाली की अगली फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी की पहली झलक मिलते ही इस बात को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है कि इस फिल्म में आलिया भट्ट जो लीड रोल कर रही हैं वो आख़िरकार है कौन ? 

एस हुसैन जैदी की किताब ‘माफिया क्वीन्स ऑफ मुंबई’ पर आधारित फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ एक असली कहानी है। एक माफिया क्वीन की। ऐसी महिला की जिसने ज़िंदगी से कई तरह की ठोकर खाने के बाद अपराध की दुनिया में वर्चस्व कायम किया। 

इसी साल 11 सितंबर को रिलीज़ हो रही फिल्म के पोस्टर में आलिया भट्ट का रूप और उनके बगल में पड़ी रिवाल्वर देख कर कुछ बातें तो साफ़ हो ही गई थीं। 

गंगूबाई काठियावाड़ी, अपराध की दुनिया की रानी होने के बावजूद  गरीबों और शोषित महिलाओं-बच्चों के लिए रॉबिनहुड की तरह थी। 

गंगूबाई का असली नाम गंगाहरि जीवनदास था। सिर्फ 16 साल की उम्र में गंगूबाई को लव हो गया। घरवालों की मर्जी से उन्होने शादी  कर ली और मुंबई आ गईं। लेकिन जिस व्यक्ति से गंगूबाई ने शादी की उसी ने गंगूबाई को धोखा दे दिया।

मुंबई के कमाठीपुरा के एक कोठे पर गंगूबाई को 500 रुपये में बेच दिया गया।  गंगूबाई  को छोटी उम्र में ही वेश्यावृति के लिए मजबूर किया गया। कोठे पर कई क्रिमिनल्स भी आते थे। एक दिन माफिया डॉन करीम लाला के एक गुर्गे ने गंगूबाई के साथ रेप किया।  गंगूबाई ने करीम लाला से इंसाफ की गुहार लगाई। 

करीम की मदद के बाद गंगूबाई ने उनके हाथों में राखी बांध दी। बदले में करीम ने गंगूबाई को कमाठीपुरा का इलाका सौंप दिया। 

कहते हैं कि गंगूबाई ने यहाँ के सेक्स वर्कर और उनके बच्चों के लिए बहुत काम किया। मुंबई के कमाठीपुरा में उनका पुतला आज भी लगा हुआ है। 

इस फिल्म को पहले रानी मुखर्जी और बाद में प्रियंका चोपड़ा को भी ऑफर किया गया था। दोनों ने मना कर दिया तब लगा फिल्म बंद हो जायेगी।